राजनांदगांव गौ-हत्या कांड: मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, 14 आरोपी भेजे गए जेल
राजनांदगांव में गौ-हत्या कांड पर प्रशासन का कड़ा रुख! मुख्य आरोपी का अवैध मकान और मांस ठेला जमींदोज, सर्व हिंदू समाज के विरोध के बीच 14 आरोपी जेल भेजे गए.
राजनांदगांव । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सामने आए गौ-हत्या के चर्चित मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा के सरकारी जमीन पर बने अवैध मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है. गौरी नगर स्थित वार्ड नंबर 13 में हुई इस कार्रवाई के दौरान आरोपी का अवैध मांस ठेला भी हटा दिया गया.
मौके पर नगर निगम आयुक्त, एसडीएम और डीएसपी समेत आला अधिकारी मौजूद रहे, वहीं सुरक्षा के लिहाज से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कार्रवाई के दौरान आरोपी के परिजन घर का सामान समेटते नजर आए.
यह पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब नवरात्रि के दौरान 12 और 14 अक्टूबर को इलाके के निर्माणाधीन अंडरब्रिज और शीतला तालाब के पास गायों के कटे सिर बरामद हुए थे. घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों ने मानव मंदिर चौक पर प्रदर्शन किया और कोतवाली थाने के सामने हनुमान चालीसा का पाठ कर चक्काजाम कर दिया था.
इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें देर रात संदिग्ध लोग सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को ले जाते दिखे. जांच के आधार पर पुलिस ने अब्दुल अलीम, उसकी पत्नी और नाबालिग बेटी को हिरासत में लिया.
पुलिस तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम ने अपने परिवार और सहयोगियों के साथ मिलकर गायों को काटा था और पहचान छिपाने की नीयत से उनके सिर तालाब और अंडरब्रिज के पास फेंक दिए थे.
इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी, नाबालिग बेटी और गोमांस के व्यापार में शामिल कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें नागपुर से पकड़ा गया एजाज अहमद उर्फ कसाई भी शामिल है.
अदालत में पेशी के दौरान उग्र भीड़ ने आरोपियों के साथ मारपीट की और उन पर स्याही भी पोत दी, जिसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया.
घटना के बाद से ही शहर में तनाव का माहौल है और सर्व हिंदू समाज ने शहर भर में संचालित अवैध मांस, चिकन, बिरयानी तथा अंडे की दुकानों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है. इस संबंध में अग्रसेन भवन में बैठक कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है.
जन आक्रोश को देखते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने शहर में बिना लाइसेंस और अवैध रूप से चल रहे मांस कारोबार के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन अब मांस विक्रेताओं के दस्तावेजों और लाइसेंस की जांच कर रहा है, साथ ही चेतावनी दी गई है कि सरकारी या पट्टे की जमीन का अवैध धंधों में इस्तेमाल करने वालों का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा.