जांजगीर पॉक्सो कोर्ट: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कड़ी कैद
जांजगीर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत का बड़ा फैसला. दोषी द्वारिका दास बैरागी को 20 साल की कैद और जुर्माने की सजा.
जांजगीर । संवाददाता: जांजगीर की एक विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के संगीन मामले में त्वरित न्याय करते हुए 59 वर्षीय आरोपी द्वारिका दास बैरागी को दोषी करार दिया है. अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी पॉक्सो) रविन्दर कौर की अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी आयोजित किया है, जिसे अदा न करने की स्थिति में उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रप्रताप सिंह ने प्रभावी पैरवी की.
यह दर्दनाक वारदात 16 जनवरी 2025 को घटी थी, जब पीड़िता अपनी नानी के घर जाने के लिए निकली थी. रास्ते में बरपाली चौक के पास जर्वे निवासी द्वारिका दास बैरागी ने बहला-फुसलाकर उसे अपने झांसे में ले लिया.
इसके बाद आरोपी बालिका को कचहरी चौक स्थित एक लॉज में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.
घटना के बाद पीड़िता की मां ने जांजगीर थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और जांच प्रक्रिया शुरू की.
महिला पुलिस अधिकारी ने संवेदनशीलता के साथ पीड़िता का बयान दर्ज किया तथा घटनास्थल व अन्य साक्ष्यों को एकत्र कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने त्वरित रूप से अदालत में चालान पेश किया, जहां दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह कठोर फैसला सुनाया.