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राखी सावंत को कोर्ट से बड़ी राहत, 14 साल पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट रद्द

14 साल पुराने 'राखी का इंसाफ' केस में राखी सावंत को झांसी कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्टे आर्डर के आधार पर कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया.

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23 अक्टू. 2026, 10:54 PM 2 मिनट में पढ़ें 36

राखी सावंत
राखी सावंत

मुंबई । डेस्क: अभिनेत्री राखी सावंत को 14 साल पुराने एक टीवी रियलिटी शो से जुड़े मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है. उत्तर प्रदेश की झांसी स्थित एक अदालत ने राखी सावंत के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को रद्द कर दिया है. रक्षा पक्ष की कानूनी टीम ने कोर्ट के समक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय का स्थगनादेश (स्टे ऑर्डर) प्रस्तुत किया, जिसमें मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई गई थी. इसके बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया.

दरअसल, अदालत में पेश न होने के कारण 16 अक्टूबर को राखी सावंत के खिलाफ यह वारंट जारी किया गया था. झांसी के फास्ट ट्रैक कोर्ट (सिविल जज जूनियर डिवीजन) में राखी सावंत के वकीलों ने याचिका दायर कर बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 7 दिसंबर 2011 को ही इस मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट के इस आदेश को ध्यान में रखते हुए झांसी अदालत ने वारंट वापस ले लिया.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 10 नवंबर 2010 का है, जब झांसी के हंसाड़ी क्षेत्र के रहने वाले 24 वर्षीय लक्ष्मण अहिरवार ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद मृतक की मां ने राखी सावंत के खिलाफ प्रेम नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. मां का आरोप था कि 'राखी का इंसाफ' शो में राखी सावंत द्वारा की गई आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियों से परेशान होकर उनके बेटे ने यह कदम उठाया.

बताया जाता है कि लक्ष्मण और उनकी पत्नी अनीता के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा था, जिसके समाधान के लिए उन्हें शो में बुलाया गया था. पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था. हालांकि, ये सभी केवल आरोप हैं और अभी तक अदालत द्वारा कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP