जियो प्लेटफॉर्म्स के रिकॉर्ड IPO के साथ आकाश अंबानी का बढ़ा कद
मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी अब केवल जियो के प्रमुख ही नहीं, बल्कि रिलायंस साम्राज्य के टेक चेहरे के रूप में उभर रहे हैं. 3.2 अरब डॉलर के जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की रिकॉर्ड सफलता उनके नेतृत्व और सिलिकॉन वैली से मजबूत रिश्तों पर मुहर लगाती है.
मुंबई । डेस्क: एशिया के सबसे अमीर परिवार और रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम व डिजिटल कारोबार में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है. मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी अब इस विशाल कारोबारी साम्राज्य के नए केंद्र बिंदु बनकर उभरे हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स के हालिया 3.2 अरब डॉलर के प्राथमिक शेयर बिक्री (IPO) को सार्वजनिक बोली शुरू होने के महज दो घंटे के भीतर पूरा समर्थन मिल गया, जो भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में इस आकार के किसी भी ऑफर के लिए एक बेहद दुर्लभ उपलब्धि है.
34 वर्षीय आकाश अंबानी वर्तमान में जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक हैं. हालांकि उनके पिता मुकेश अंबानी अभी भी होल्डिंग कंपनी के चेयरमैन का पद संभाल रहे हैं, लेकिन 2022 में ही आकाश को जियो के टेलीकॉम बिजनेस का अध्यक्ष बना दिया गया था. विश्लेषक इसे रिलायंस में चल रही उत्तराधिकार योजना के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखते हैं.
IPO इवेंट में दिखा बढ़ता प्रभाव और सिलिकॉन वैली से कनेक्शन
हाल ही में आयोजित जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO इवेंट में आकाश अंबानी का बढ़ता दबदबा स्पष्ट रूप से नजर आया. अपनी जुड़वां बहन के साथ मंच साझा करते हुए आकाश ने इस बड़े आयोजन की पूरी अगुवाई की, जबकि मुकेश अंबानी इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं थे. आकाश ने खुद को पूरी कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए 53.3 करोड़ ग्राहकों और कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का पूरा ब्योरा पेश किया.
उद्योग जगत से जुड़े लोगों और वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि आकाश बेहद मिलनसार और तकनीक को गहराई से समझने वाले कारोबारी हैं. वे कंपनी के रोजमर्रा के फैसलों में सीधे हस्तक्षेप तो नहीं करते, लेकिन बड़े रणनीतिक फैसलों की कमान उन्हीं के हाथों में रहती है. वे वैश्विक दिग्गज निवेशकों, विशेषकर मेटा (Meta) के साथ संबंधों को सीधे तौर पर संभालते हैं. मार्क जुकरबर्ग जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के साथ संवाद साधने में उनकी अहम भूमिका रहती है. रिलायंस में मुकेश अंबानी जहां संप्रभु संपत्ति कोषों (Sovereign Wealth Funds) के करीब माने जाते हैं, वहीं आकाश को रिलायंस का 'सिलिकॉन वैली मैन' कहा जाता है.
धीरूभाई अंबानी के दौर की यादें हुईं ताजा
ब्राउन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक आकाश खेल प्रेम के लिए भी जाने जाते हैं और आईपीएल फ्रेंचाइजी के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं. शेयर बाजार में जियो के IPO को लेकर जिस तरह की उत्सुकता छोटे और खुदरा निवेशकों में देखी गई, उसने 1980 के दशक की यादें ताजा कर दीं.
इवेंट के दौरान मंच पर रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी का चित्र और पुराने शेयरधारकों की बैठकों की तस्वीरें प्रदर्शित की गईं. धीरूभाई अंबानी ने जिस तरह आम निवेशकों का भरोसा जीतकर रिलायंस को आज 172 अरब डॉलर से अधिक के मार्केट कैप वाली कंपनी बनाया, ठीक उसी विरासत और भरोसे को आकाश अंबानी आगे बढ़ाते दिख रहे हैं.
केवल टेलीकॉम नहीं, डिजिटल और AI क्रांति की ओर नजर
साल 2016 में फ्री वॉइस और डेटा ऑफर के साथ टेलीकॉम बाजार में कदम रखने वाली जियो आज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन चुकी है. हालांकि कंपनी का 90% से अधिक राजस्व और मुनाफा टेलीकॉम सेवाओं से ही आता है, लेकिन आकाश अंबानी की कोशिश जियो को महज एक 'टेलीकॉम कंपनी' के दायरे से बाहर निकालने की है.
आकाश अंबानी ने साफ किया है कि जियो कनेक्टिविटी पर आधारित एक टेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनी है. कंपनी का लक्ष्य 4G और 5G के बाद अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत का नेतृत्व करना है. 12 भारतीय भाषाओं में AI-संचालित कॉल समरी और ट्रांसक्रिप्शन जैसी सुविधाएं लाने की तैयारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आकाश के नेतृत्व में जियो आने वाले समय में एक पूर्ण टेक जाइंट बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है.