अमेरिका के हर बच्चे को मिलेगा स्पेसएक्स का एक शेयर, समझिए पूरी योजना और इसके मायने
दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने अमेरिका के लगभग 7.3 करोड़ बच्चों को स्पेसएक्स का एक-एक शेयर देने का ऐलान किया है. 10 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का यह तोहफा न केवल अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा रहा है, बल्कि बच्चों के वित्तीय भविष्य को लेकर भी एक नई बहस को जन्म दे रहा है.
नई दिल्ली । डेस्क: दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क ने एक बेहद चौंकाने वाली और ऐतिहासिक घोषणा की है. मस्क ने अमेरिका के हर बच्चे को अपनी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स का एक-एक शेयर मुफ्त देने का संकल्प व्यक्त किया है. इस अभूतपूर्व कदम को मस्क ने नए दौर की शुरुआत बताया है. अमेरिका में 18 वर्ष से कम उम्र के लगभग 7.3 करोड़ बच्चे हैं और यदि बाजार मूल्य के आधार पर देखा जाए तो मस्क का यह तोहफा 10 अरब डॉलर यानी करीब 10.7 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है. यह घोषणा अमेरिकी राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों में एक नया मोड़ लेकर आई है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर मस्क का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये शेयर बच्चों को 'ट्रंप अकाउंट्स' के माध्यम से दिए जाएंगे. ट्रंप अकाउंट्स बच्चों के लिए तैयार किए गए विशेष कर-अनुकूल निवेश खाते हैं, जिन्हें पिछले वर्ष एक नए कानून के तहत शुरू किया गया था. इस योजना के क्रियान्वयन में मस्क को तकनीकी निवेशकों का भी सहयोग मिल रहा है.
कैसे काम करेगी यह योजना और बच्चों तक कैसे पहुंचेगा शेयर
स्पेसएक्स हाल ही में नैस्डैक पर सूचीबद्ध हुई है और बाजार में इसके शेयरों का मूल्य लगातार बदल रहा है. मस्क के पास कंपनी के अरबों शेयर हैं और 7.3 करोड़ शेयर देने के बाद भी कंपनी पर उनका नियंत्रण और मताधिकार लगभग बरकरार रहेगा. इसका मुख्य कारण यह है कि स्पेसएक्स में दो अलग-अलग श्रेणियों के शेयर हैं, जिससे मस्क की निर्णय लेने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
व्हाइट हाउस के आंकड़ों के मुताबिक, देश में करोड़ों ट्रंप अकाउंट्स पहले ही खोले जा चुके हैं. ये खाते उन सभी बच्चों के लिए उपलब्ध हैं जिनके पास सोशल मीडिया या आधिकारिक पहचान संख्या है. इस खाते में जमा निवेश पर बच्चे के 18 वर्ष का होने तक कोई कर नहीं लगता. इसके बाद इसे किसी सेवानिवृत्ति खाते में बदला जा सकता है. हाल ही में खजाना विभाग के नियमों में ढील दी गई है, जिससे अब इन खातों में सीधे किसी कंपनी के शेयर भी उपहार स्वरूप दिए जा सकते हैं. हालांकि, इन शेयरों पर कुछ पाबंदियां भी होंगी, जैसे कि परिवार अपनी मर्जी से इन शेयरों को तुरंत बेच नहीं सकेंगे और इन्हें कम से कम पांच साल या बच्चे के वयस्क होने तक संभालकर रखना होगा.
राजनीतिक फायदा, कर बचत और नए समीकरण
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब देश में महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं. एलन मस्क इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के सबसे बड़े वित्तीय समर्थकों में से एक बनकर उभरे हैं. ट्रंप और मस्क के बीच पिछले कुछ समय में देखा गया तनाव अब पूरी तरह खत्म होता दिख रहा है. ट्रंप इस योजना को अपने कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहे हैं, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
राजनीतिक फायदों के अलावा, इस कदम का एक बड़ा वित्तीय पहलू भी है. जब कोई बड़ा निवेशक अपने शेयर किसी धर्मार्थ या कल्याणकारी उद्देश्य के लिए दान करता है, तो उसे पूंजीगत लाभ कर से भारी छूट मिलती है. अगर मस्क सीधे तौर पर इतनी बड़ी राशि के शेयर बाजार में बेचते, तो उन्हें अरबों डॉलर का भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ता. दान के माध्यम से उन्हें टैक्स में बड़ी राहत मिल सकती है, जो उच्च आय वर्ग के लोगों के बीच एक प्रचलित प्रक्रिया है. इसके साथ ही, जब देश के करोड़ों परिवार किसी कंपनी के शेयरधारक बन जाते हैं, तो उस कंपनी के व्यावसायिक हित और नियामक नीतियां भी जनहित से जुड़ जाती हैं.
सामाजिक समानता और भविष्य की राह
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मस्क का यह कदम वामपंथी और दक्षिणपंथी नीतियों का एक अनोखा संगम पेश करता है. कई दशकों से सामाजिक विचारक बच्चों के विकास के लिए सार्वभौमिक निवेश खातों की वकालत करते आ रहे थे ताकि समाज में आर्थिक असमानता को कम किया जा सके. जो विचार पहले केवल कागजों और बहसों तक सीमित था, वह अब एक बड़े कॉरपोरेट तोहफे और सरकारी तंत्र के माध्यम से धरातल पर उतरता दिख रहा है.
कुछ विशेषज्ञ इस कदम को लेकर चुनावी नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन कानूनी रूप से इसे सही माना जा रहा है. अमेरिका में चुनाव नियमों के तहत जब तक किसी प्रत्यक्ष लेन-देन का सबूत न हो, तब तक व्यक्ति अपनी संपत्ति का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विचारों के समर्थन में कर सकता है. बिल गेट्स फाउंडेशन जैसे वैश्विक धर्मार्थ प्रयासों की तुलना में मस्क का यह प्रयोग सीधे अमेरिकी नागरिकों पर केंद्रित है. अब देखने वाली बात यह होगी कि मस्क का यह दांव अमेरिका के भावी नागरिकों की किस्मत बदलने में कितना मददगार साबित होता है.