उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व: सैटेलाइट से खुली 1 लाख पेड़ों की कटाई की पोल
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचाने वाली खबर सामने आई है. इसरो (ISRO) की कार्टोसैट सैटेलाइट इमेज और ड्रोन सर्वे की मदद से यह खुलासा हुआ है कि रिजर्व के कोर एरिया की 106 हेक्टेयर (लगभग 265 एकड़) वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और करीब एक लाख पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया है.
1974 में विशाल साल वृक्षों के संरक्षण के लिए अधिसूचित इस क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई गई है.
अधिकारियों के अनुसार, साल 2008 से 2022 तक की हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि 2011 में जो अतिक्रमण 45 हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर 106 हेक्टेयर हो चुका है.
वन विभाग ने जैतपुरी गांव के 166 अतिक्रमणकारियों की पहचान की है, जिन्होंने राजस्व क्षेत्र में जमीन होने के बावजूद टाइगर रिजर्व की कोर वन्यजीव आवास भूमि पर कब्जा किया.
जांच में पाया गया कि पेड़ों को मारने के लिए उनकी छाल छीलने (गर्डलिंग) और सबूत मिटाने के लिए ठूंठों को जलाने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया. इस अवैध कटाई के कारण कई हिस्सों में पेड़ों का घनत्व 1,000 प्रति हेक्टेयर से घटकर मात्र 25-50 रह गया है.
यह पारिस्थितिक नुकसान इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यह क्षेत्र महानदी का जलग्रहण क्षेत्र होने के साथ-साथ बाघों, हाथियों और तेंदुओं का महत्वपूर्ण आवास है.
हालांकि, प्रबंधन ने पिछले तीन वर्षों में 850 हेक्टेयर से अतिक्रमण हटाया है और 600 से अधिक शिकारियों व तस्करों को गिरफ्तार किया है.
वर्तमान मामले में भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की तैयारी है, जिसमें दोषियों को सात साल तक की जेल हो सकती है. विभाग ने बेदखली के बाद इस क्षेत्र में भूजल संरक्षण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के जरिए जंगल को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है.