मंत्री केदार कश्यप पर सर्किट हाउस कर्मचारी से मारपीट का आरोप
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप पर जगदलपुर सर्किट हाउस में एक कर्मचारी के साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना ने राज्य में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, जिसमें विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी से सार्वजनिक माफी और मंत्री के इस्तीफे की मांग की है.
पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बिहार में हाल ही में हुए एक राजनीतिक विवाद से जोड़ा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल हुआ था.
बघेल ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "क्या केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मां ही मां हैं, या सभी की मां मां हैं? अब बीजेपी को इस सवाल का जवाब देना होगा. केदार कश्यप छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री हैं. जगदलपुर, बस्तर में उन्होंने एक कर्मचारी को मां-बहन की गालियां दीं और उसका कॉलर पकड़कर मारपीट की. बीजेपी को कम से कम उस मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए, जिसने मां को गाली दी."
उन्होंने बीजेपी से माफी मांगने की मांग करते हुए तंज कसा, "अगर रोते हुए माफी मांगें तो अच्छा होगा, लेकिन अगर आंसू सूख गए हैं, तो बिना रोए भी चलेगा."
घटना शनिवार शाम (6 सितंबर, 2025) को जगदलपुर के सर्किट हाउस में हुई. 36 वर्षीय खितेंद्र पांडे, जो पिछले दो दशकों से सर्किट हाउस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज की है. पांडे ने बताया कि वह मंत्री के लिए नाश्ता तैयार कर रहे थे, जब मंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) ने उन्हें बुलाया.
पांडे के अनुसार, "जब मैं वहां पहुंचा, तो केदार कश्यप ने मेरी मां के खिलाफ अपशब्द कहे, जूता उठाया, मेरा कॉलर पकड़ा और मुझे बुरी तरह पीटा. उन्होंने मुझे कई जोरदार थप्पड़ मारे और कहा कि तुमने कमरा नहीं खोला. मुझे उस कमरे की स्थिति या ताले की जानकारी नहीं थी, बाद में पता चला कि तीन कमरे पहले से खुले थे."
कांग्रेस ने इस मामले में कश्यप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और कैबिनेट से उनकी बर्खास्तगी की मांग की है. पार्टी ने रविवार (7 सितंबर, 2025) को राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है.
दूसरी ओर, कश्यप ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह कांग्रेस की "झूठी और भ्रामक प्रचार" की रणनीति है. उन्होंने अपने पत्रकारों के व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा, "हमारे भगवान जैसे कर्मचारियों का अपमान मेरे लिए किसी भी स्थिति में असहनीय है. कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है. जिस तरह की घटना की बात की जा रही है, वह बिल्कुल नहीं हुई."
पुलिस ने पांडे की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है. बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की गई है और मामले की जांच चल रही है.
केदार कश्यप बस्तर क्षेत्र से विष्णु देव साय मंत्रिमंडल में एकमात्र मंत्री हैं और नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस घटना ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है, और इसका राजनीतिक परिणाम आने वाले दिनों में सामने आ सकता है.