छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED की फाइनल चार्जशीट में 81 आरोपी
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में अपनी फाइनल अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पेश की गई इस रिपोर्ट में ईडी ने 59 नए लोगों को आरोपी बनाया है. इसके साथ ही इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुल आरोपियों की संख्या अब 81 तक पहुँच गई है.
ईडी के वकील सौरभ कुमार पांडे ने बताया कि पहले इस मामले में 22 लोग नामजद थे, जिनमें से कई की गिरफ्तारी हो चुकी है.
ताजा चार्जशीट में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया, पूर्व आईएएस अधिकारी निरंजन दास, शराब लाइसेंस धारक, वितरक और आबकारी विभाग के कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं. ईडी का आरोप है कि तत्कालीन आबकारी कमिश्नर निरंजन दास ने इस पूरे सिंडिकेट के संचालन में मदद की और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई को रोककर घोटाले को निर्बाध रूप से चलने दिया.
लगभग 315 पन्नों की मुख्य शिकायत के साथ ईडी ने करीब 29,800 पन्नों के सहायक दस्तावेज भी जमा किए हैं, जिनमें बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत शामिल हैं.
जांच एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुँचा. ईडी ने इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी गिरफ्तार किया है.
एजेंसी का दावा है कि कवासी लखमा अपराध की कमाई के मुख्य प्राप्तकर्ता थे, जबकि चैतन्य बघेल ने सिंडिकेट द्वारा उत्पन्न लगभग 1,000 करोड़ रुपये को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
वर्तमान में इस घोटाले की कुल अनुमानित राशि 3,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) का मानना है कि यह आंकड़ा 3,500 करोड़ रुपये के पार जा सकता है.