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जशपुर जिले के अस्पताल में बिना चिकित्सा के शिक्षक की जान गई

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17 मार्च 2026, 02:21 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

डॉक्टर
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जशपुर । डेस्क: जशपुर जिले के पत्थलगांव सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की कथित बदहाली ने एक बार फिर एक परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है. यहाँ इलाज में देरी और डॉक्टरों की संवेदनहीनता के चलते एक शिक्षक की असमय मृत्यु का मामला गरमाता जा रहा है. 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित शिक्षक को दिल का दौरा पड़ने के बाद आनन-फानन में अस्पताल लाया गया था, लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद चिकित्सक ने अपनी ड्यूटी का समय समाप्त होने का हवाला देते हुए मरीज को अटेंड करने से मना कर दिया. 

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परिजनों ने आरोप लगाया है कि आपातकालीन स्थिति में भी अस्पताल के सूचना पटल पर न तो डॉक्टरों के नाम उपलब्ध थे और न ही संपर्क सूत्र, जिसके कारण वे मदद के लिए यहाँ-वहां भटकते रहे और समय पर उपचार न मिलने से शिक्षक ने दम तोड़ दिया.


इस घटना के बाद उपजे जनाक्रोश और परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जे.एस. जात्रा ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने पत्थलगांव के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस पूरे घटनाक्रम की सूक्ष्मता से जांच की जाए. 


प्रशासन ने जांच के लिए महज तीन कार्य दिवसों की समय सीमा निर्धारित की है, जिसके भीतर जांच रिपोर्ट मुख्यालय में पेश करनी होगी. 


CMHO ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना विभाग की पहली जिम्मेदारी है और यदि जांच में किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी की लापरवाही या अनुशासनहीनता उजागर होती है, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP