कमीशन के पैसे ने ली जान: दोस्त ने की हत्या, शव जलाया, 3 गिरफ्तार
जशपुर । डेस्क: छत्तीसगढ़ के जशपुर में सिटी कोतवाली पुलिस ने पिछले महीने पुरना नगर के तुरीतोंगरी इलाके में मिले आधे-जले शव के रहस्य को सुलझाने का दावा किया है. पुलिस ने मृतक के तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य संदिग्ध अभी भी फरार हैं.
पुलिस के मुताबिक, मृतक सेमित खाखा (28) की हत्या उसके दोस्तों ने कमीशन के पैसों को लेकर हुए विवाद के बाद कर दी थी. सभी दोस्त झारखंड के हजारीबाग में एक साथ काम करके लौटे थे. हत्या के बाद, आरोपियों ने शव को गड्ढे में दबाकर सबूत मिटाने के इरादे से उस पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की थी.
18 अक्टूबर को, सिटी कोतवाली पुलिस को तुरीतोंगरी इलाके में एक पुरुष का आधा-जला शव मिलने की सूचना मिली थी. घटनास्थल पर पहुंची टीम ने जांच शुरू की.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव का चेहरा और अधिकांश हिस्सा जला हुआ था. पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि हुई और बीएनएस की धारा 103(1) और 238(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
अधिकारी ने बताया कि शव की पहचान करना एक बड़ी चुनौती थी. जांच के दौरान पता चला कि सेमित खाखा अपने दोस्तों के साथ झारखंड काम करने गया था, लेकिन लौटा नहीं. जब शव की तस्वीर सेमित के परिवार को दिखाई गई, तो उन्होंने उसकी पहचान की.
इसके बाद, सेमित के दोस्त रामजीत राम (25), वीरेंद्र राम (24) और एक 17 वर्षीय किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. शुरू में उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर की शाम को वे बैंकितोली पुल के पास श्मशान घाट के पास शराब पी रहे थे, तभी झारखंड से लाए गए कमीशन के पैसों को लेकर उनके बीच झगड़ा हो गया.
गुस्से में आकर वीरेंद्र राम ने लोहे की रॉड से सेमित के सिर पर वार किया, जबकि रामजीत राम ने उसके सीने में चाकू घोंप दिया, जिससे सेमित की मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद तीनों ने सेमित के शव को एक गड्ढे में दबा दिया, उस पर पेट्रोल डाला और पहचान मिटाने तथा सबूत नष्ट करने के लिए रात भर जलाया.
गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने आरोपियों के बयानों के आधार पर डमी का उपयोग करके अपराध का पुनर्गठन किया. अधिकारियों ने अपराध में इस्तेमाल किया गया चाकू, लोहे की रॉड और कुछ खून से सने कपड़े भी बरामद किए हैं.
गिरफ्तार आरोपी रामजीत राम और वीरेंद्र राम को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि 17 वर्षीय किशोर को बाल सुधार गृह भेजा गया है. इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.