हाईकोर्ट ने आंगनवाड़ी में बच्ची की मौत पर लिया स्वत: संज्ञान
HC ने आंगनवाड़ी में बच्ची की मौत पर लिया स्वत: संज्ञान
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित खबर के आधार पर तीन वर्षीय बच्ची की दुखद मृत्यु का स्वत: संज्ञान लिया है. बच्ची को तलापारा स्थित आंगनवाड़ी परिसर में अवैध रूप से डंप किए गए डीजे उपकरण के लोहे के पाइप से सिर में गंभीर चोट लगी थी.
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने जिला मजिस्ट्रेट, बिलासपुर को अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसमें घटना के संबंध में उठाए गए कदमों, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी, और दोषियों के खिलाफ प्रस्तावित या शुरू की गई कार्रवाई का उल्लेख करना होगा.
हलफनामे में यह भी स्पष्ट करना होगा कि मृत बच्ची के परिवार को मुआवजा दिया गया है या नहीं, और यदि नहीं, तो इसकी प्रक्रिया किस स्तर पर है, साथ ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विवरण देना होगा.
रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची पर लोहे का पाइप तब गिरा जब वह खेल रही थी, जो आंगनवाड़ी परिसर में डीजे उपकरण के साथ डंप किया गया था.
बच्ची को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में सिम्स रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई.
राज्य सरकार ने तर्क दिया कि डीजे उपकरण एक कर्मचारी के रिश्तेदार द्वारा अनधिकृत रूप से रखा गया था, जो इस दुर्घटना का निकटतम कारण बना. संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है.
खबर में यह भी सामने आया कि महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय पुलिस ने शुरू में मामले को दबाने की कोशिश की.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की चोट को मृत्यु का कारण पुष्टि होने के बाद ही संबंधित डीजे ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले की अगली सुनवाई कल (26 अगस्त, 2025) को होगी.