बैलाडीला में खनन के खिलाफ युवाओं का आंदोलन, 26 जनवरी को मार्च करेंगे
दंतेवाड़ा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित बैलाडीला की पहाड़ियों पर खनन विस्तार के विरोध में एक बार फिर जन-आंदोलन भड़क उठा है. स्थानीय युवाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों ने Deposit No. 4 के प्रस्तावित खनन और इसे निजी हाथों में सौंपने की कोशिशों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
रविवार को सैकड़ों युवाओं ने बाइक रैली निकालकर और पहाड़ों की ट्रैकिंग कर अपना विरोध दर्ज कराया. इस आंदोलन को अब कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा और सीपीआई जैसे प्रमुख दलों का भी समर्थन मिल गया है.
पहाड़ी पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय कांग्रेस नेता छविंद्रा कर्मा ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक खदान की नहीं, बल्कि बस्तर की पारिस्थितिकी और अस्तित्व को बचाने की है.
उन्होंने घोषणा की कि आंदोलन के अगले चरण में 26 जनवरी 2026 को प्रदर्शनकारी Deposit No. 13 तक मार्च करेंगे.
वहीं, युवा नेता राहुल महाजन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खनन का रास्ता साफ करने के लिए इस जैव-विविधता संपन्न क्षेत्र को जानबूझकर भैरमगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की सीमा से बाहर रखा गया है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र दुर्लभ वन्यजीवों का घर और बस्तर के लिए 'ऑक्सीजन बैंक' की तरह है, जिसे व्यावसायिक लाभ के लिए नष्ट करना आत्मघाती होगा.
हाथों में तिरंगा लिए प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक पहाड़ियों और जंगलों को बचाने का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, उनका यह जमीनी संघर्ष जारी रहेगा.