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बीजापुर में 103 नक्सली सरेंडर, इस साल 840 नक्सली सरेंडर

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02 अक्टू. 2025, 02:38 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

नक्सली सरेंडर
नक्सली सरेंडर

बीजापुर । संवाददाता: दशहरा के पावन पर्व पर बीजापुर जिले ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो नक्सलवाद के खिलाफ लंबे संघर्ष में मील का पत्थर साबित हो रही है. गुरुवार को 103 नक्सलियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने हथियार डाल दिए. इनमें 49 पर कुल 1.06 करोड़ रुपये का इनाम लगा था.


यह घटना छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ी समर्पण मानी जा रही है, जिसमें वरिष्ठ कमांडर से लेकर ग्रामीण स्तर के सदस्य शामिल हैं. 

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सरेंडर करने वालों में एक डीवीसीएम (दक्षिण उप-क्षेत्रीय कमांडर), चार पीपीसीएम, चार एसीएम, एक प्लाटून पार्टी सदस्य, तीन डीजीएमएस चेयरमैन, चार सीएनएम चेयरमैन, दो केएएमएस चेयरमैन, पांच एरिया कमिटी सदस्य, पांच मिलिशिया कमांडर या उप-कमांडर, चार जनताना सरकार चेयरमैन, एक पीएलजीए सदस्य, 12 सीएनएम सदस्य, चार जनताना सरकार उपाध्यक्ष, एक डीजीएमएस उपाध्यक्ष, 22 जनताना सरकार सदस्य, 23 मिलिशिया प्लाटून सदस्य, दो जीपीसी, चार डीजीएमएस सदस्य और एक भूमकाल मिलिशिया सदस्य प्रमुख हैं. 


जानकारों का मानना है कि संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष, सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई और राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास योजना ने इस कदम को प्रेरित किया है.


सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत हर व्यक्ति को 50,000 रुपये का प्रोत्साहन चेक सौंपा गया, जो उन्हें नई जिंदगी शुरू करने में मदद करेगा. 


बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने इस अवसर पर उत्साह जताते हुए कहा, "हमारी पुनर्वास योजना नक्सलियों को हिंसा के जाल से बाहर निकाल रही है. उनके परिवार भी यही चाहते हैं कि वे शांति और सम्मान के साथ जी सकें." 


उन्होंने अन्य भटके हुए लोगों से आह्वान किया कि वे गलत रास्ते छोड़कर बिना डर के समाज में वापस लौटें. यह कदम न केवल सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा है, बल्कि क्षेत्र में शांति की नई उम्मीद जगा रहा है.


गौरतलब है कि SATP के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में साल 2025 में 29 सितंबर तक कुल 737 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. जो पिछले 5 सालों में सबसे अधिक है.


साल 2020 में 238, साल 2021 में 328, साल 2022 में 184, साल 2023 में 201, साल 2024 में 332 नक्सलियों ने सरेंडर किया है.


साल 2003 से लेकर साल 2025 में 29 सितंबर तक कुल 5209 नक्सलियों ने सरेंडर किया है.


सबसे बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर साल 2016 में किया था. उस साल कुल 1232 नक्सलियों ने सरेंडर किया था.


साल 2016 में सरेंडर के 62 मामले हुये थे जिनमें 1232 नक्सलियों ने सरेंडर किया था. साल 2025 में 29 सितंबर तक सरेंडर के 59 मामले हुये हैं जिसमें 737 नक्सलियों ने सरेंडर किया था.


जहां तक सरेंडर करने के मामलों की बात है तो साल 2014 में सबसे ज्यादा 78 हुये थे जिसमें 393 नक्सलियों ने सरेंडर किया था.


गुरुवार 2 अक्टूबर के सरेंडर को इसमें जोड़ा जाना बाकी है.


साल 2025 में 29 सितंबर तक 737 नक्सलियों ने सरेंडर किया था जिसमें बीच के कुछ दिनों को जिनके आंकड़े फिलहाल अपलोड नहीं किये गये हैं आज 2 अक्टूबर के 103 सरेंडर को मिला दिया जाता हो तो इस साल कुल 840 हुये हैं. जो साल 2003 से लेकर इन सालों में अभी तक दूसरे नंबर पर हैं जबकि अभी भी साल खतम होने में 3 माह बचे हैं. उसके बाद दी साल 2025 में कुल कितने नक्सलियों ने सरेंडर किया है उसके आंकड़ें आ जायेंगे.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP