बाल्को पर 1.03 करोड़ रुपये का आयकर जुर्माना
बिलासपुर । संवाददाता: वेदांता लिमिटेड की सहायक कंपनी, भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को)पर आयकर विभाग ने 1.03 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना आकलन वर्ष 2011-12 के लिए लगाया गया है.
बाल्को की गतिविधियों में बॉक्साइट खनन, एल्यूमिना रिफाइनिंग और एल्यूमिनियम स्मेल्टिंग शामिल हैं, जो इसे देश की एल्यूमिनियम मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण बनाती है.
आयकर विभाग की आकलन इकाई द्वारा जारी इस आदेश को 13 अगस्त 2025 को जारी किया गया और बाल्को को 14 अगस्त 2025 को सुबह 6:20 बजे प्राप्त हुआ. यह जुर्माना आयकर अधिनियम की धारा 271(1)(c) के तहत लगाया गया है, जो आय के छिपाने या गलत विवरण प्रस्तुत करने से संबंधित मामलों को संबोधित करती है.
यह आदेश पहले पारित किए गए एक आकलन आदेश पर आधारित है, जो आयकर अधिनियम की धारा 254 के साथ धारा 143(3) के तहत था.
वेदांता ने अपने बयान में कहा कि बाल्को इस जुर्माने के खिलाफ आयकर कानून द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करेगा.
इसके साथ ही, कंपनी इस आदेश के खिलाफ सुधार आवेदन (रेक्टिफिकेशन एप्लिकेशन) भी दाखिल करने की योजना बना रही है.
वेदांता ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले के गुण-दोष के आधार पर उसे अपील प्रक्रिया से अनुकूल परिणाम की उम्मीद है.
कंपनी का मानना है कि इस आदेश से बाल्को के संचालन या उसके समग्र व्यवसाय पर कोई महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा.
जुर्माने की राशि और कॉर्पोरेट विवाद: 1.03 करोड़ रुपये की यह राशि भले ही बड़ी हो, लेकिन कॉर्पोरेट जगत में कर प्राधिकरणों के साथ इस तरह के विवाद असामान्य नहीं हैं.
पुराने वित्तीय वर्षों के लिए कर नियमों की व्याख्या में मतभेद या लंबे समय तक चलने वाले आकलन अक्सर कंपनियों के सामने आते हैं.
बाल्को, जो भारत के एल्यूमिनियम क्षेत्र में एक बड़ा नाम है, इस तरह के मामलों में कानूनी रास्ते अपनाकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है.