PMGSY से छत्तीसगढ़ में 25 वर्षों में बनी 40,415 km सड़कें
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पिछले 25 वर्षों में 40,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का सफलतापूर्वक निर्माण किया गया है. इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ने राज्य के ग्रामीण परिदृश्य को बदल दिया है, जिससे कनेक्टिविटी में नाटकीय रूप से सुधार हुआ है और आर्थिक विकास को गति मिली है.
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा वर्ष 2000 में ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए शुरू की गई PMGSY योजना राज्य के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुई है.
सरकारी बयान के अनुसार, राज्य के गठन (वर्ष 2000) से पहले छत्तीसगढ़ में केवल लगभग 4,200 किमी ग्रामीण सड़कें थीं, जो राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे थी.
40,415 किमी की कुल सड़क लंबाई में 8,310 सड़कें और 426 बड़े पुल पूरे किए गए हैं. इस मजबूत ग्रामीण सड़क नेटवर्क ने सुशासन और समावेशी विकास के लिए एक मजबूत नींव प्रदान की है.
अब किसान आसानी से धान को खरीद केंद्रों तक पहुंचा पाते हैं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आपूर्ति गांवों में समय पर पहुँचती है, और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार हुआ है.
विशेष रूप से, इस योजना ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जहाँ 12,459 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है, जिससे 3,853 बस्तियाँ मुख्यधारा से जुड़ी हैं. इन सड़कों से ऐसे क्षेत्रों में आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा में सुधार हुआ है.
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, सड़कों के माध्यम से गांवों को जोड़ने से आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिल रही है.
उन्होंने यह भी बताया कि PMGSY के चौथे चरण के तहत, आदिवासी और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) क्षेत्रों में 8,000 किमी से अधिक नई सड़कों की योजना बनाई गई है.