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छत्तीसगढ़ के निकाय उपचुनाव में भाजपा को झटका

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04 जून 2026, 12:45 PM 5 मिनट में पढ़ें 2

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रायपुर | संवाददाता : छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. सत्ता में होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी कई महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज नहीं कर सकी, जबकि कांग्रेस ने नगर निगमों और नगर पंचायतों के कई उपचुनावों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए बढ़त हासिल की है.


खासतौर पर बिलासपुर और जगदलपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस की जीत को भाजपा के लिए राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.

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राज्यभर में हुए विभिन्न निकाय उपचुनावों के परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 3 सीटों पर सफलता मिली. नतीजों ने यह संकेत दिया है कि विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद भी कांग्रेस का स्थानीय स्तर पर जनाधार बरकरार है.


जगदलपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के करीबी उम्मीदवार को हार


सबसे ज्यादा चर्चा जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड के नतीजे को लेकर हो रही है. यहां कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने भाजपा उम्मीदवार मनोहर दत्त तिवारी को 436 मतों से पराजित कर दिया. मनोहर दत्त तिवारी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव का करीबी माना जाता है, इसलिए इस हार को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


इंदिरा वार्ड लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है. पिछले करीब तीन दशकों से यहां कांग्रेस का ही प्रतिनिधित्व रहा है और इस बार भी मतदाताओं ने उसी परंपरा को कायम रखा. यह सीट कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद रिक्त हुई थी.


अब्दुल रशीद लगातार चार बार पार्षद चुने गए थे, जबकि उनकी माता भी दो बार इस वार्ड का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं. ऐसे में कांग्रेस ने सहानुभूति और संगठनात्मक पकड़ दोनों का लाभ उठाया.


बिलासपुर में कांग्रेस ने एकतरफा जीत दर्ज की


बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 (संजय गांधी नगर) में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने भाजपा के मधुसूदन राव को 1062 मतों के बड़े अंतर से हराया. यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह वार्ड पिछले चार दशकों से कांग्रेस के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है.


स्थानीय राजनीतिक इतिहास भी कांग्रेस के पक्ष में रहा है. बताया जाता है कि मधुसूदन राव को पहले भी शेख आजम के पिता शेख असलम चुनाव में हरा चुके हैं. वार्ड में यह दूसरा उपचुनाव था. इससे पहले पार्षद शेख गफ्फार के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके भाई शेख असलम विजयी हुए थे.


बाद में सामान्य चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की थी. उनके निधन के बाद सीट खाली होने पर फिर से उपचुनाव कराया गया, जिसमें कांग्रेस ने अपना वर्चस्व कायम रखा.


नगर पंचायतों में मिला मिला-जुला जनादेश


निकाय उपचुनावों में कई जगह मुकाबला बेहद रोचक रहा. कुछ क्षेत्रों में भाजपा को बढ़त मिली तो कई जगह कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को पीछे छोड़ दिया.


राजनांदगांव के घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा ने 85 मतों से जीत हासिल कर पहली अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त किया. हालांकि वार्ड स्तर पर भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा और उसने 14 में से 10 वार्डों में जीत दर्ज की. कांग्रेस को 3 वार्ड मिले, जबकि एक वार्ड निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया.


सूरजपुर के शिवनंदनपुर नगर पंचायत में कांग्रेस ने 15 में से 8 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा को 7 वार्ड मिले. इसके बावजूद अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी रितेश जायसवाल विजयी रहे. इससे साफ है कि मतदाताओं ने वार्ड और अध्यक्ष पद के लिए अलग-अलग राजनीतिक विकल्प चुने.


बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के साथ-साथ परिषद में भी स्पष्ट बहुमत हासिल किया. कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू ने भाजपा के लखन लाल गुरूपंच को 506 मतों से हराया. परिषद में कांग्रेस को 10 वार्डों में जीत मिली, जबकि भाजपा केवल 5 वार्डों तक सीमित रही.


कांकेर में भी कांग्रेस का प्रदर्शन मजबूत


कांकेर जिले के दो अलग-अलग उपचुनावों में कांग्रेस ने भाजपा को मात दी. चारामा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 13 में कांग्रेस के मोहित नायक 286 वोटों से विजयी रहे.


वहीं पखांजूर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 9 में कांग्रेस प्रत्याशी रूखमणि एटटी ने भाजपा उम्मीदवार संजीता विश्वास को 65 मतों से हराया.


इन दोनों परिणामों ने संकेत दिया कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी कांग्रेस की पकड़ पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है.


कवर्धा और जांजगीर-चांपा में भाजपा ने बचाई साख


हालांकि सभी जगह भाजपा को निराशा नहीं मिली. कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने कांग्रेस के रोशन वैष्णव को 762 मतों से हराकर अध्यक्ष पद अपने नाम किया.


वहीं जांजगीर-चांपा जिले की बमनीडीह नगर पंचायत में भाजपा ने अध्यक्ष पद और परिषद दोनों पर मजबूत जीत दर्ज की. भाजपा प्रत्याशी रमेश डड़सेना 889 वोटों के अंतर से अध्यक्ष चुने गए. परिषद के 15 वार्डों में से भाजपा ने 11 पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 3 वार्ड मिले.


एक वार्ड निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया.


इन उपचुनावों के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कांग्रेस अभी भी मजबूत चुनौती पेश कर रही है. विशेष रूप से बिलासपुर और जगदलपुर जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों में भाजपा की हार विपक्ष के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है. वहीं कांग्रेस इन नतीजों को जनता के बीच अपनी निरंतर स्वीकार्यता और स्थानीय नेतृत्व की मजबूती के रूप में पेश कर सकती है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP