भूपेश बघेल को साहू समाज का अल्टीमेटम, साव पर टिप्पणी के लिए माफी मांगें
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से किए जाने पर विवाद गहरा गया है. इस टिप्पणी से आक्रोशित छत्तीसगढ़ साहू समाज ने बघेल को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है और ऐसा न होने पर पूरे प्रदेश में उग्र विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है.
समाज के प्रदेश अध्यक्ष नीरेंद्र साहू ने स्पष्ट किया है कि समुदाय इसे अपने स्वाभिमान और गौरव के अपमान के रूप में देख रहा है. इस संबंध में रणनीति बनाने के लिए 5 जनवरी को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है, साथ ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपने की योजना भी तैयार की गई है.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भूपेश बघेल बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में पिछले 37 दिनों से प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासियों को संबोधित कर रहे थे. वहाँ उन्होंने सड़क निर्माण में देरी और विकास कार्यों की धीमी गति पर कटाक्ष करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रदर्शन की तुलना एक बंदर से कर दी.
बघेल ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए विधायक अमर अग्रवाल और अन्य नेताओं पर भी तंज कसे.
चूंकि अरुण साव साहू समाज के एक प्रमुख ओबीसी चेहरे हैं, इसलिए समाज ने इसे केवल राजनीतिक बयान न मानकर पूरी जाति का अपमान करार दिया है.
राज्य की राजनीति में साहू समाज के बड़े प्रभाव को देखते हुए, यह मुद्दा आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.