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धमतरी में जल संकटः ग्रामीण पी रहे हैं खरीद कर पानी

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Hupendra Sharma

01 मई 2025, 08:10 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

जल संकट
जल संकट

धमतरी | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मोहलई में जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है.


इसके लिए रोज ग्रामीणों को तीन हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं. उसके बाद भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है.

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इस जल संकट ने ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. उनकी पूरी ऊर्जा पानी की चिंता व पानी जुटाने में ही खर्च हो रही है.


इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से किसी भी तरह का प्रयास देखने को नहीं मिल रहा है.


जिला मुख्यालय से महज 13 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मोहलई में मार्च महीने से जल संकट गहराया हुआ है.


यहां हर साल गर्मी के दिनों में जल संकट से जूझना पड़ता है, लेकिन इस बार कुछ ज्यादा ही परेशानी हो रही है.


ग्रामीण इस समस्या से कलेक्टर तक को अवगत करा चुके हैं. इसके बाद भी इस समस्या का स्थाई हल नहीं निकाला जा सका है. 


टैंकर से मंगा रहे हैं पानी

ग्रामीणों ने बताया कि मोहलई की जमीन पथरीली है. जहां भूमिगत पानी का स्त्रोत नहीं मिल पाता. गांव में करीब 30 हैंडपंप लगे हुए हैं, लेकिन वर्तमान में सभी बंद पड़े हैं.


एक ओव्हरहेड टैंक भी है, लेकिन मोटरपंप के नहीं चलने से वह भी बंद पड़ा है.


एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों के सामने टैंकर से पानी मंगाने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प ही नहीं है.


लेकिन यह ग्रामीणों के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा है. क्योंकि टैंकर का किराया प्रतिदिन तीन हजार रुपए है.


जिसमें से आधी राशि पंचायत के द्वारा और आधी राशि गांव में चंदा कर एकत्रित किया जाता है.


गांव में कई ऐसे लोग भी निवासरत हैं जो सक्षम नहीं हैं कि पानी के लिए प्रतिदिन खर्च कर सकें.


इतना ही नहीं राशि खर्च करने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है. टैंकर के पहुंचते ही लोगों की लंबी कतार लग जाती है.


किसी तरह पानी मिल भी जाता है तो उसे डिब्बों और बाल्टियों में भरकर घर तक ले जाने अलग से मशक्कत करनी पड़ती है. 


कलेक्टर से शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन से इस समस्या से अवगत कराया गया था. उस समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि टैंकर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा


. लेकिन निःशुल्क टैंकर कब गांव पहुंचेगी यह स्पष्ट नहीं बताया गया है. जिससे ग्रामीण असमंजस की स्थिति में हैं.


ग्रामीणों ने बताया कि मोहलई समेत आसपास के कई गांवों में भी पानी की समस्या है. गर्मी के दिनों में इन गांवों में भी जल स्तर काफी नीचे चला गया है. 


स्कूल में एक माह पहले ही छुट्टी

पानी की समस्या को देखते हुए कुछ माह पहले ही जल जगार योजना के तहत एक और बोर कराया गया था. वह भी बंद हो गया है.


ग्राम पथर्रीडीह में आदर्श एकलव्य स्कूल संचालित है. लेकिन जल संकट के चलते स्कूल में एक माह पहले ही बच्चों को गर्मी की छुट्टी दे दी गई है.


ग्रामीणों का कहना है कि गांव में तो जल स्त्रोत नहीं है. इसलिए सतह जल की व्यवस्था करने की आवश्यकता है.


इसके लिए फुटहामुड़ा से पाइप लाइन के जरिए मोहलई तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं.


इससे पहले रुद्री जल समूह योजना के तहत गंगरेल से पानी लाकर आसपास के गांवों में सप्लाई करने प्रस्ताव तैयार किया गया था.


इस योजना के तहत फुटहामुड़ा के पास वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर पाइपलाइन के जरिए मोहलाई समेत अन्य गांवों में पानी की समस्या दूर हो जाएगी.


लेकिन शासन से स्वीकृति नहीं मिल पाने की कारण योजना अटकी हुई है. 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP