युक्तियुक्तकरण के विरोध में मंत्रालय घेरने निकले हजारों शिक्षक
रायपुर | संवाददाताः युक्तियुक्तकरण के विरोध में प्रदेश भर के शिक्षकों ने राजधानी रायपुर में जमकर प्रदर्शन किया. बुधवार को सुबह से ही तूता स्थिति धरना प्रदर्शन स्थल पर शिक्षकों की मौजूदगी शुरू हो गई थी. दोपहर में शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की.
शिक्षकों ने रैली निकालकर मंत्रालय का घेराव करने की कोशिश की. शिक्षकों को मंत्रालय पहुंचने से रोकने के लिए तीन लेयर में पुलिस बल तैनात किया गया था.
शिक्षकों ने मांगे नहीं मानने पर शाला प्रवेश उत्सव का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाने की चेतावनी दी है.
मंत्रालय घेराव करने से पहले सभा को शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया. शिक्षकों का आरोप है कि युक्तियुक्तकरण की आड़ में 2008 के सेटअप को तोड़ा जा रहा है.
शिक्षकों का कहना है कि सरकार प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों को विसंगति युक्त युक्तियुक्तकरण के तहत सुनियोजित ढंग से निजीकरण की ओर ले जा रही है.
शासन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से साढ़े दस हजार से अधिक स्कूलों को बंद कर करीब 44 हजार सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और प्रधान अध्यापक के पदों को खत्म कर रही है.
शासन सरकारी स्कूलों को बंद करके निजी स्कूलों को बढ़ावा देने का काम कर रही है. इससे प्रदेश के गरीब बच्चों का अधिकार और शिक्षा का स्तर दोनों का हनन होगा.
शिक्षकों का कहना है कि ये फैसला शिक्षण गुणवत्ता से खिलवाड़ और सरकारी स्कूलों को कमजोर करने का प्रयास है. 2 शिक्षक पांच कक्षाओं को कैसे पढाएंगे, संभव नहीं है.
संगठन का कहना है कि 1 से 5वीं तक की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए 18 पीरियड की जरूरत होती है.
अभी जिस फॉर्मूले पर युक्तियुक्तकरण हुआ है उसके हिसाब से स्कूलों में दो शिक्षक पर 18 पीरियड पढ़ाने का दबाव बनेगा. यानी एक शिक्षक को 9 पीरियड पढ़ाने होंगे.
इसके अलावा शिक्षकों को आए दिन गैर शिक्षकीय कार्यों में भी लगा दिया जाता है. इससे भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है.
शिक्षकों का कहना है कि सभी स्कूलों के प्रधानपाठकों के पास शिक्षकीय कार्य के अलावा बैठक और आन लाइन का काम भी अधिक होता है. जिसके चलते प्रधानपाठकों को कभी भी स्कूल से बाहर जाना भी पड़ता है.
इस स्थिति में सरकार शिक्षा में गुणवत्ता आएगी कह रही है. यह सोचने वाली बात है.
ज्ञात हो कि युक्तियुक्तरण को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिया है.
राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं.
शिक्षा होगी बेहतर- साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है.
उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
उन्होंने कहा एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी. इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा.