बस्तर में महुआ से शराब ही नहीं चाय और शेक भी तैयार
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ का बस्तर अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पूरे विश्व में जाना और पहचाना जाता है. यहां के घने जंगलों से मिलने वाली वनोपज की पूरे देश में मांग है.
इन वनोपज में महुआ स्थानीय आदिवासियों के लिए आय का मुख्य स्रोत है. यहां के आदिवासी महुआ से शराब तो बनाते ही हैं. अब बस्तर में महुआ से चाय, शेक और लड्डू भी बनाया जा रहा है. जिसे देश के विभिन्न राज्यों के लोग काफी पसंद भी कर रहे हैं.
अब महुआ से और भी अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. "बस्तर फ़ूडस" नाम की एक कंपनी ने महुआ से चाय के 5 नए प्रकार तैयार कर उसे लॉन्च भी किया है.
बस्तर फूड्स की संस्थापिका रजिया शेख़ ने बताया कि उन्होंने 'ओ फॉरेस्ट' नाम से एक कंपनी बनाया है. इस कंपनी ने पहला उत्पाद के रूप में महुआ से चाय तैयार किया है. जिसके 5 प्रकार हैं. वर्तमान में उनके साथ 7 युवतियां हैं जो उनके साथ काम कर रही हैं.
उन्होंने बताया कि महुआ से उत्पाद तैयार करने की प्रोसेसिंग यूनिट शहर से लगे नेंगीगुडा में लगाया है. इसका पहला यूनिट जगदलपुर में लॉन्च किया गया है.
उन्होंने बताया कि इससे पहले यह यूनिट हैदराबाद में लगाया गया था. जहां महुआ से बने सामान को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला. लोगों ने महुआ से बनी चाय, कैंडी और लड्डू को काफी पसंद किया. इसे ही आगे बढ़ाते हुए अब महुआ चाय के पांच प्रकार तैयार किए हैं.
स्थानीय ग्रामीणों को मिल रहा फायदा
रजिया शेख ने बताया कि महुआ से सामान तैयार करने के लिए स्थानीय ग्रामीणों से महुआ की खरीदी की जाती है. शुरुआत में कुछ ही ग्रामीण किसान उन्हें महुआ बेचते थे, लेकिन अब बस्तर संभाग के 450 से अधिक ऐसे ग्रामीण किसान हैं जो महुआ का संग्रहण कर हमें बेचते हैं जिससे उन्हें अच्छी आय भी होती है.
कंपनी के संस्थापक दीपक पटेल का कहना है कि उनकी टीम इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी. इसी दौरान बस्तर के एक युवक ने उन्हें महुआ और बस्तर से परिचित कराया.
उन्होंने कहा कि महुआ के बारे में उन्होंने जानना शुरू किया तो इस वनोपज में एक बड़ा भविष्य दिखाई दिया. जिसके बाद उनकी रजिया शेख से मुलाकात हुई.
उन्होंने बताया कि रज़िया पिछले कई वर्षों से महुआ से चाय और अन्य सामान बनाने का काम कर रही हैं. इस चाय को अब देश और विदेशों तक पहुंचाने की योजना है.
उन्होंने कहा कि महुआ केवल एक आदिवासी शराब का उत्पाद नहीं है, बल्कि इसमें और भी बहुत सारे लाभ हैं. इससे बहुत से अलग-अलग उत्पाद बनाए जा सकते हैं.
जगदलपुर में किया गया लॉन्च
छत्तीसगढ़ वित्त आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी ने बताया कि बस्तर फ़ूडस और "ओ फारेस्ट" द्वारा महुआ से बनी 5 प्रकार की चाय को बस्तर में लॉन्च किया गया है.
महुआ जो कि बस्तर के आदिवासियों के लिए आय का मुख्य स्रोत भी है. इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर चाय के तौर पर पेश किया गया है, जिससे शरीर को कोई नुकसान नहीं है.
इसका स्वाद विदेश के लोग भी ले रहे हैं और काफी पसंद कर रहे हैं.