युक्तियुक्तकरण के विरोध में 28 को मंत्रालय घेराव
रायपुर | संवाददाताः युक्तियुक्तकरण के विरोध में प्रदेश के तमाम शिक्षक संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शिक्षकों के 23 संघों ने 28 मई को मंत्रालय घेराव का ऐलान किया है.
शिक्षकों का आरोप है कि सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण के नाम पर सेटअप से छेड़छाड़ किया जा रहा है.
सोमवार को शिक्षकों के सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने रायपुर में पत्रकार वार्ता की और कहा कि 28 मई को प्रदेशभर से हजारों शिक्षक रायपुर में जुटेंगे और मंत्रालय घेराव करने निकलेंगे.
शिक्षकों का आरोप है कि युक्तियुक्तकरण की आड़ में 2008 के सेटअप को तोड़ा जा रहा है.
इससे करीब 45 हजार शिक्षक पद खत्म कर दिए जाएंगे. इससे प्रदेश के गरीब बच्चों का अधिकार और शिक्षा का स्तर दोनों का हनन होगा.
प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष विरेंद्र दुबे का कहना है कि शिक्षक संगठन राज्य के शिक्षकविहीन व एकल शिक्षकीय शालाओं में शिक्षक उपलब्ध कराने का विरोध नहीं कर रहा है. विरोध युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत मापदंड़ों व विसंगतियों को लेकर है.
उन्होंने कहा कि इससे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता व सर्वसुलभता को नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है. इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधा उत्पन्न करने के साथ ही शिक्षकों के हितों के भी विरुद्ध है.
उन्होंने कहा कि 2024 में जारी युक्तियुक्तकरण के निर्देशों का पहले ही सभी शिक्षक संगठनों ने विरोध किया था. इस संबंध में सुझाव भी दिए थे.
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी व प्रदेश महासचिव धर्मेश शर्मा ने बताया कि राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था शैक्षिक व्यवस्था से भी बदतर हो चुकी है. विभागाध्यक्ष के पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पदस्थ होते हैं जिनका इस पद पर निश्चित कार्यकाल निर्धारित नहीं है. एक से दो साल में वे बदल जाते हैं.
उन्होंने बताया कि लगभग सभी संभाग व जिले सक्षम अधिकारियों के स्थान पर प्रभारी अधिकारियों के भरोसे हैं. राज्य के लगभग 80 प्रतिशत हाई स्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहे हैं.
शिक्षक संघ के मनीष मिश्रा ने कहा कि हम चाहते हैं कि एकल शिक्षक विद्यालय में सेटअप के विपरीत पदस्थापना हो रही है. उनको यहां पर पदस्थ किया जाए. लेकिन 2008 का जो सेटअप है, प्राथमिक शाला में वन प्लस 2 और माध्यमिक शाला में वन प्लस 4 इसको अगर छेड़छाड़ किया जाएगा तो हम लोग इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे.