रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

दुर्ग में भुइंया ऐप से 765 एकड़ जमीन का हेरफेर

H

Hupendra Sharma

13 अग. 2025, 11:58 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

765 एकड़ जमीन का हेरफेर
765 एकड़ जमीन का हेरफेर

दुर्ग | संवाददाताः छत्तीसगढ़ सरकार के ऑनलाइन भुइयां एप के माध्यम से दुर्ग जिले में 765 एकड़ शासकीय और निजी भूमि का बंदरबांट करने का मामला सामने आया है. भू माफियाओं ने उक्त बेशकीमती जमीन को अलग-अलग लोगों के नाम दर्ज कर उसका सौदा कर दिया है.


इतना ही नहीं सरकारी जमीन को बैंक में गिरवी रखकर लाखों रुपयों का लोन भी पास कर लिया गया है. इस मामले में संलिप्तता पाए जाने के बाद दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं 18 पटवारियों को दूसरे हल्कों में तबादला किया गया है. 

विज्ञापन


यह पूरा मामला दुर्ग जिले के मुरमुंद पटवारी हलका के चार गांवों से जुड़ा है. मुरमुंद, अछोटी, चेटुवा और बोरसी गांव में 52 बोगस खसरा नंबर जारी कर 765 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया है.


इसमें से आधी जमीन सरकारी और बाकी जमीन निजी है. उक्त जमीन का बड़ा हिस्सा मुख्य मार्गों से लगा हुआ है. इसलिए वर्तमान में जमीन की बाजार में कीमत करोड़ों में है.


भुइयां ऐप के जरिए पटवारी की आईडी हैक

मुरमुंदा में 75 हेक्टेयर सरकारी और 22 हेक्टेयर निजी जमीन का फर्जीवाड़ा किया गया. इसी तरह अछोटी में 45.304 हेक्टेयर सरकारी और 27.087 हेक्टेयर निजी जमीन पर कब्जा किया.


वहीं चेटुवा में 87.524 हेक्टेयर सरकारी जमीन और बोरसी में 47.742 हेक्टेयर निजी जमीन का बंदरबाट किया गया है.


भू-माफियाओं ने भुइयां ऐप के जरिए पटवारी की आईडी हैक कर फर्जी किया है.


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पाटन के पटवारी मनोज नायक और अहिवारा पटवारी कृष्णकुमार सिन्हा की आईडी के जरिए जमीन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई है. दोनों पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है. 


बैंक में गिरवी रख लिया लोन

अधिकारियों के मुताबिक जमीन की हेराफेरी में बड़ा सिंडिकेट जुड़ा हुआ है. फर्जीवाड़े के तार रायपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और कोरबा तक फैले हैं.


इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने दिनूराम यादव, एसराम, शियाकांत वर्मा, हरिशचंद्र निषाद, सुरेंद्र कुमार और जयंत समेत कई लोगों के नामों पर फर्जी तरीके से बोगस खसरा नंबर दर्ज किया गया है.


इसके बाद मू-माफियाओं ने फर्जी ऋण पुस्तिका के माध्यम से बैंक से लोन भी पास करा लिया.


दिनूराम यादव के नाम से 25 जून 2025 को करीब 46 लाख का लोन लिया. एक अन्य व्यक्ति ने 2 जुलाई 2025 को 36 लाख रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया था.


इसी दौरान किसान की ऋण पुस्तिका की पड़ताल करने पर जमीन घोटाले का खुलासा हुआ.


दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई- गृह मंत्री

इस मामले में डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है.


उन्होंने कहा कि 765 इंच जमीन की भी गड़बड़ी भी नहीं होनी चाहिए. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. विभाग भी पूरे मामले की जांच और कार्रवाई के लिए एफआईआर दर्ज कराएगा.


दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर के मुताबिक प्राथमिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है.


धारा 115/16 के तहत एसडीएम ने मामला दर्ज कर गड़बड़ी सुधार दी है.


एनआईसी से आईडी हैकिंग की तकनीकी जानकारी ली जा रही है. जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP