बीजापुर में 50 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ बीजापुर में 50 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर में रविवार को एक साथ 50 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें से 14 माओवादियों पर 68 लाख रुपए का इनाम घोषित है.
ये माओवादी पिछले कई सालों से नक्सल संगठन के साथ जुड़कर काम कर रहे थे.
बीजापुर-सुकमा में दो बड़े मुठभेड़ के बाद रविवार को 50 माओवादी आत्मसमर्पण करने बीजापुर एसपी कार्यालय पहुंचे.
बीजापुर एसपी, डीआरजी, सीआरपीएफ और अन्य पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया.
ऐसा पहली बार हुआ कि इतने बड़े तादात में माओवादियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया.
बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि माओवादियों की खोखली विचारधारा और शोषण से परेशान होकर कुल 50 माओवादियों ने हथियार डालने का फैसला किया.
इनमें से 6 माओवादियों पर 8-8 लाख का इनाम है. वहीं तीन पर 5-5 लाख का इनाम है. पांच माओवादियों पर 1-1 लाख का इनाम घोषित है.
उन्होंने बताया कि डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, सीआरपीएफ और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा ने इन माओवादियों के समर्पण में अहम भूमिका निभाई है.
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मदद पहुंचाई जाएगी.
नक्सलवाद इतिहास बनकर रह जाएगा- शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 50 माओवादियों के आत्मसमर्पण पर सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि बहुत हर्ष का विषय है कि बीजापुर (छत्तीसगढ़) में 50 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया.
हिंसा और हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वालों का मैं स्वागत करता हूं.
पीएम मोदी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएंगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.
बाकी लोगों से भी मैं पुनः अपील करता हूं कि वे हथियार त्याग कर मुख्यधारा में आएं. 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है.