दंतेवाड़ा के विकास की दिशा तय करेंगे गांव
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आदिवासी समाज से चुने गये जनप्रतिनिधियों ने लिया संकल्प
दंतेवाड़ा |संवाददाताः छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सर्व आदिवासी समाज द्वारा जिले भर के नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान समारोह मेंडका डोबरा मैदान में आयोजित किया गया.
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सहित ग्राम स्तर तक के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
इस कार्यक्रम में आदिवासी जनप्रतिनिधियों ने संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों को आत्मसात कर गांवों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया.
इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि दंतेवाड़ा के विकास की दिशा अब गांव तय करेंगे.
पेसा कानून और पंचायत राज अधिनियम के तहत ग्राम सभाएं अपनी विकास योजनाएं स्वयं बनाएंगी और क्रियान्वित करेंगी.
जिसमें पंचायतों का पूर्ण सहयोग रहेगा. शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं को दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने में पेसा कानून के महत्व पर चर्चा की गई.
इस समारोह में पंचायत प्रतिनिधियों को संसाधन प्रबंधन और संरक्षण समिति, पंचायत जल समिति, सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन जैसी समितियों के गठन और ग्राम सभा के अधिकारों जैसे वनोपज स्वामित्व और भूमि अधिग्रहण में सहमति के बारे में विस्तार से बताया गया.
पेसा कानून विशेषज्ञ और मुख्य वक्ता अश्वनी कांगे ने ग्राम सभा को विकास योजना बनाने और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का चयन करने का सर्वोच्च अधिकार बताया.
ग्राम सभा की स्वायत्तता, वनोपज और गौण खनिजों पर अधिकार, रेत खदानों का संचालन और नशीले पदार्थों पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा हुई.