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अज्ञात बीमारी का कहर: AP के गुंटूर में 20, JK के राजौरी में 16 की मौत

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07 सित. 2025, 01:04 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

अज्ञात बीमारी
अज्ञात बीमारी

नई दिल्ली । डेस्क: आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के तुरकापालेम गांव में बाढ़ प्रभावित इलाके में अज्ञात बीमारी ने दहशत फैला दी है. पिछले दो महीनों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश 55 वर्ष से ऊपर के पुरुष थे, जो पहले से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. 


स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह मेलियोइडोसिस नामक बैक्टीरियल संक्रमण का मामला लगता है, जो बरखोल्डेरिया स्यूडोमालेई बैक्टीरिया से होता है. यह संक्रमण मुख्य रूप से वर्षा ऋतु और बाढ़ के दौरान मिट्टी व जल से फैलता है. शुरुआती लक्षणों में बुखार, खांसी, उल्टी और कमजोरी शामिल हैं, जो बाद में फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. यदि समय पर एंटीबायोटिक्स दिए जाएं, तो यह इलाज योग्य है.

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मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को गुंटूर जिले में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए. विशेष मेडिकल टीम ने गांव का दौरा किया और 2,500 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की, जिसमें किडनी फंक्शन, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर टेस्ट शामिल हैं. 


सीएम ने निर्देश दिए कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए और सभी लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल ले जाया जाए. स्वास्थ्य मंत्री वाई सत्य कुमार यादव ने भी स्थिति की समीक्षा की और ब्लड सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया. 


विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि अधिकारी घबराने की जरूरत नहीं बता रहे. 2020 में एलुरु में भी इसी तरह की अज्ञात बीमारी से 500 से अधिक लोग प्रभावित हुए थे, जहां क्लोरीन-युक्त जैविक यौगिक संदिग्ध था.


दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बुधल (बधल) गांव में जनवरी 2025 में अज्ञात बीमारी ने 16 लोगों की जान ले ली, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे. 45 दिनों में तीन परिवारों के सदस्य प्रभावित हुए, लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, शरीर दर्द और चेतना हानि शामिल थी. 


एमआरआई जांच में ब्रेन टिश्यू में न्यूरोटॉक्सिन जमा होने का पता चला, जो विषाक्तता का संकेत है. डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह वायरस या बैक्टीरिया से नहीं, बल्कि जहर से संबंधित है. कैडमियम टॉक्सिन की मौजूदगी की पुष्टि हुई है, लेकिन इसका स्रोत (जैसे पानी या भोजन) अभी जांच के दायरे में है.


मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और प्रभावित परिवारों को सहायता का आश्वासन दिया. 


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर स्वास्थ्य, कृषि, रसायन और जल संसाधन मंत्रालयों की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की. 


गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर घर सील कर दिए गए, 200 से अधिक सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए. पुलिस ने एसआईटी गठित कर आपराधिक कोण की जांच शुरू की. 


विशेषज्ञों ने वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण की संभावना नकार दी है. स्थानीय लोग दहशत में हैं, लेकिन अधिकारी निगरानी बढ़ा रहे हैं. 


ये घटनाएं भारत में ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती हैं, जहां बाढ़ और प्रदूषण जैसी समस्याएं संक्रमण को बढ़ावा देती हैं. (फोटो- प्रतीकात्मक)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP