राजनांदगांव: गोहत्या और मांस बेचने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव में नवरात्रि के दौरान गाय का कटा सिर मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
राजनांदगांव । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में गोहत्या और उसका मांस बेचने के एक संवेदनशील मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने इस मामले में शामिल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया गया है. यह पूरी कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से की गई है.
दरअसल, यह घटना नवरात्रि पर्व के दौरान सामने आई थी, जब 12 अक्तूबर को गौरीनगर क्षेत्र में एक निर्माणाधीन पुल के पास एक गाय का कटा हुआ सिर बरामद हुआ. इस घटना के दो दिन बाद ही शीतला तालाब के पास एक और गाय का सिर मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया.
मामले की गंभीरता और त्योहार के माहौल को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चिखली थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई.
जांच के दौरान जब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो कुछ लोग आवारा मवेशियों को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए. फुटेज के आधार पर पुलिस ने गौरीनगर निवासी 39 वर्षीय अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, उसकी पत्नी और बेटी की पहचान की. कड़ाई से पूछताछ करने पर अब्दुल अलीम ने स्वीकार किया कि उसने अपने परिवार और अन्य सहयोगियों की मदद से गायों को काटा था और उनके मांस की बिक्री की थी.
स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम, उसकी पत्नी अंजुम बेगम (35), सलमान खान (19), मोहम्मद साकिर खान (20), मोइन गौरी (35), आरिफ कुरैशी (39), सलीम अख्तर (42), सैयद नदीम (38), मोहम्मद सिराज (46) और मोहम्मद तौहीद (28) को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मामले में लिप्त नाबालिग लड़की को भी हिरासत में ले लिया गया है.
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 325 (पशु को नुकसान पहुंचाना), 238 (साक्ष्य मिटाना) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत अपराध दर्ज किया है. इसके अतिरिक्त आरोपियों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत भी सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है.