छत्तीसगढ़ PWD ने 3 SE और 5 EE समेत 13 अधिकारियों को थमाया नोटिस
CM हेल्पलाईन 1076 पर आई शिकायतों का बिना स्पष्ट रिमार्क दिए निपटारा (क्लोज) करना PWD के 13 अधिकारियों को भारी पड़ गया. विभाग ने इसे शासकीय कार्यों में लापरवाही मानते हुए 3 अधीक्षण अभियंताओं समेत 13 अफसरों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है.
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में जनसमस्याओं के निवारण को लेकर शासन ने सख्त रुख अपना लिया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज शिकायतों के गैर-जिम्मेदाराना निपटारे को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग के 13 वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बिना यह स्पष्ट किए शिकायतों को पोर्टल पर क्लोज कर दिया कि आम जनता की समस्याओं का वास्तव में समाधान हुआ भी है या नहीं.
जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है उनमें 3 अधीक्षण अभियंता (SE), 5 कार्यपालन अभियंता (EE) और 5 उप-विभागीय अधिकारी (SDO) शामिल हैं. PWD सचिव ने सभी अफसरों को 15 दिनों के भीतर लिखित में अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
यह पूरी कार्रवाई अगस्त और सितंबर महीने के दौरान 1076 हेल्पलाइन पर दर्ज PWD से संबंधित शिकायतों की समीक्षा के बाद की गई है. समीक्षा में पाया गया कि L-1, L-2 और L-3 स्तर के अधिकारियों ने ऐसी टिप्पणियों (रिमार्क्स) के साथ शिकायतों को बंद कर दिया, जिनसे यह साबित नहीं होता था कि शिकायतकर्ता की समस्या दूर हुई है या नहीं.
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, किसी भी शिकायत को बंद करते समय मौके के निरीक्षण की रिपोर्ट, की गई कार्रवाई, प्रस्तावित समय-सीमा और शिकायतकर्ता को दी गई जानकारी का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य है.
यदि मामला किसी अन्य विभाग से संबंधित हो, तो उसका भी वैध कारणों के साथ विवरण दर्ज होना चाहिए. अस्पष्ट टिप्पणियों से पोर्टल पर शिकायतों के निराकरण का गलत आंकड़ा पेश होता है, जिसे शासकीय कर्तव्यों के पालन में गंभीर लापरवाही माना गया है.
यह नोटिस बिलासपुर, बेमेतरा, पेंड्रा, दुर्ग, पाटन, कोरबा, सारंगढ़, कांकेर और रायपुर संभाग तथा उप-संभागों में पदस्थ अधिकारियों को थमाए गए हैं. शासन की इस सख्ती से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.