कोरिया जिले में प्रशासन की मुस्तैदी से रुके दो बाल विवाह
बैकुंठपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की सतर्कता से एक बार फिर दो बाल विवाह होने से रोक दिए गए. सोनहत ब्लॉक के रामगढ़, उज्ञाव और नवाटोला क्षेत्रों में जिला बाल संरक्षण इकाई और प्रशासनिक अमले ने संयुक्त रूप से यह बड़ी कार्रवाई की. दरअसल, विभाग को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कम उम्र के बच्चों के विवाह की तैयारियां चल रही हैं.
इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जब मौके पर जांच की गई, तो मामला सही पाया गया. एक प्रकरण में बालिका की उम्र महज 14 वर्ष और बालक की उम्र 19 वर्ष थी. वहीं दूसरे मामले में लड़का और लड़की दोनों ही 17-17 साल के थे, जो कि कानूनी रूप से विवाह के योग्य नहीं हैं.
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत निषेधाज्ञा आदेश जारी किया.
इसके बाद अधिकारियों ने दोनों जोड़ों के परिवारों को बुलाकर समझाइश दी और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया.
प्रशासनिक और कानूनी हस्तक्षेप के बाद आखिरकार दोनों पक्षों के परिजन मान गए और उन्होंने लिखित रूप से सहमति दी कि वे बच्चों के बालिग होने से पहले उनकी शादी नहीं करेंगे. इसके बाद इस पूरे मामले को सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया.
इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी आशीष गुप्ता का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस कुप्रथा के पीछे सबसे बड़ा कारण अशिक्षा और जागरूकता की कमी है. लोग बिना सोचे-समझे कम उम्र में बच्चों का विवाह कर देते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और भविष्य पर बुरा असर पड़ता है.
विभाग द्वारा इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं.
गौरतलब है कि कोरिया जिले में विशेषकर सोनहत ब्लॉक से इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. File Photo.