छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड से होगा इलाज बंद
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड से कैश लेस इलाज को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आईएमए ने ऐलान किया है कि एक सितम्बर से प्रदेश के निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से कैश लेस इलाज की सुविधा बंद कर दी जाएगी.
संगठन के मुताबिक यह फैसला मजबूरी में लिया गया है. क्योंकि पिछले छह महीनों से निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज का भुगतान नहीं मिला है.
इसकी वजह से अब प्राइवेट अस्पतालों ने कैश लेस इलाज सेवा जारी रखने में असमर्थता जताई है. आईएमए का कहना है पुराना भुगतान हुए बगैर यह सेवा दोबारा चालू करना संभव नहीं है.
इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि 1 सितंबर का इंतजार नहीं करना होगा. उससे पहले ही निजी अस्पतालों को भुगतान कर दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को जुलाई माह तक का भुगतान 2-3 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा.
इस फैसले का असर राज्य के उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को होगा, जो आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार करवाते हैं.
गरीब तबके के लोगों के लिए यह योजना काफी राहत देने वाली रही है. ऐसे में अब उन्हें नगद भुगतान करना पड़ सकता है.
उम्मीद जताई जा रही है कि, सरकार इस संबंध में जल्द आईएमए से चर्चा कर समाधान निकालेगी.
इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य देश के हर नागरिक, विशेषकर गरीब वर्ग को निःशुल्क एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है.
छत्तीसगढ़ के सभी निजी अस्पताल इस योजना के अंतर्गत लंबे समय से समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्यरत हैं.
एसोसिएशन ने आगे कहा है कि अस्पतालों पर लगातार विभिन्न प्रकार के नियमों का हवाला देकर कार्रवाई की जाती है, जिससे कार्य संचालन और भी जटिल होता जा रहा है.
इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की छत्तीसगढ़ इकाई और जिला इकाई की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी. राज्य की लगभग सभी इकाइयों ने सदस्यों को अस्पताल की व्यवस्था चलाने में आ रही कठिनाइयों के बारे में बताया है.
आप को बता दें कि आयुष्मान योजना के तहत सरकार अस्पतालों को मरीज के इलाज के बाद पैसे का भुगतान करती है.
लेकिन भुगतान में लेट-लतीफी के चलते हालत ये हो गई है कि कई निजी अस्पतालों का लाखों का बिल सरकार द्वारा नहीं भुगतान किया गया.
जिसके चलते निजी अस्पताल अब आयुष्मान कार्ड धारियों का उपचार करने में असमर्थता जता रहे हैं.
छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में चौथे स्थान पर
छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. उपचार प्रदान करने के मामले में छत्तीसगढ़ देश भर में चौथे स्थान पर है.
सरकार का दावा है कि अब तक 78 लाख से अधिक लाभार्थियों ने सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज का लाभ लिया है.
राज्य सरकार ने एबी-पीएमजेएवाई को छत्तीसगढ़ की अपनी दो विशेष योजनाओं- शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के साथ प्रभावी रूप से समन्वित किया है.
इस एकीकृत व्यवस्था से अधिकतम लाभार्थियों को नगद रहित इलाज की सुविधा मिली रही है.