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विधानसभा में गूंजा ईडी छापा, धान खरीदी और हसदेव जंगल का मुद्दा

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Hupendra Sharma

18 जुल. 2025, 12:05 PM 5 मिनट में पढ़ें 2

विधानसभा
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रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर ईडी छापा, चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी, हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई, धान खरीदी और एनजीओ अनुदान का मामला गूंजा.


पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्रवाई का बहिष्कार कर दिया. 

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नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सदन के बाहर ईडी का दबाव है. भूपेश बघेल के यहां ईडी का छापा पड़ा है. आज बच्चे का जन्मदिन है और उसे उठा लिया गया. ये सब सरकार के दबाव में हो रहा है. आज के दिनभर की कार्रवार्र का बहिष्कार करते हैं. इसके बाद कांग्रेस के सभी विधायक सदन से बाहर निकल गए. 

धान उठाव पर घिरे खाद्य मंत्री

इससे पहले विधानसभा में धान खरीदी को लेकर तीखी बहस हुई. कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने धान उठाव में देरी का मुद्दा उठाया. उन्होंने पूछा कि धान का समय पर उठाव क्यों नहीं हो रहा है.


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से पूछा कि धान की कुल नीलामी कितनी हुई और जो एफसीआई और नान को दिया जाना था, वह मिलर्स को कितना दिया गया है. धान केंद्रों से उठा लिया गया है, तो अब धान है कहां?


इस पर कृषि मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि बालोद विधानसभा क्षेत्र में इस साल कुल 2,25,000 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी. इसमें से 1,79,700 मीट्रिक टन धान राइस मिलर्स को भेजा गया और केवल 51,691 मीट्रिक टन धान ही अब तक संग्रहण केंद्रों में है.


मंत्री ने स्वीकार किया गड़बड़ी

मंत्री के जवाब के बाद भूपेश बघेल ने फिर सवाल किया कि जब मिलर्स को 1,59,000 मीट्रिक टन धान दे दिया गया और संग्रहण केंद्रों में 51,000 मीट्रिक टन धान है, तो फिर सरकार ने बाकी स्टॉक का क्या किया?


इसके जवाब में मंत्री दयालदास ने बताया कि करीब 1,000 मीट्रिक टन धान ही खरीदी केंद्र में है और बाकी संग्रहण केंद्रों में चला गया है. सभी आंकड़े पारदर्शी हैं, नीलामी और एफसीआई-नान को धान भेजने की प्रक्रिया नियमों के तहत की गई है.


विधायक अटल श्रीवास्तव ने बिलासपुर जिले में धान उठाव को लेकर सवाल किया. उन्होंने पूछा कि धान खरीदी में शॉर्टेज आ रहा है, क्या कार्रवाई होगी? 


इस पर मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि बिलासपुर में 140 धान केंद्र हैं. लेखा मिलान में जीरो शोर्टेज आया है. बिलासपुर में मल्हार और रिस्दा केंद्र में धान की कमी पाई गई है. एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं.


एनजीओ अनुदान पर उठा विवाद

महासमुंद से कांग्रेस विधायक चतुरी नंद ने महिला एवं बाल विकास विभाग से पूछा कि किन सामाजिक संस्थाओं को कितना अनुदान मिला है और उसका उपयोग किस मद में किया गया.


उन्होंने खासतौर पर फॉर्च्यून फाउंडेशन NGO का जिक्र करते हुए कहा कि दस्तावेजों में 2024-25 और 2025-26 में जो राशि दिखाई गई है, वह मंत्री के बताए आंकड़ों से मेल नहीं खा रही.


इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब में बताया कि फॉरच्यून फाउंडेशन महासमुंद और आशियाना वृद्धाश्रम को चलाती है। 2023-24 में संस्था को ₹23.59 लाख, 2022-23 में ₹23 लाख, और 2024-25 में ₹10 लाख का अनुदान दिया गया है.


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन राशियों में अंतर दिखाई दे रहा है, वह दो किस्तों में जारी की गई रकम के कारण हो सकता है. फिर भी मैं जानकारी की पुष्टि करवाने के लिए तैयार हूं.


हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई का मुद्दा गरमाया

विधानसभा में आज नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस विधायकों ने हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई का मुद्दा को जोर-शोर से उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की.


इस पर स्पीकर ने यह मामला हाईकोर्ट में लंबित होने का हवाला देते हुए सदन में चर्चा कराने की अनुमति नहीं दी. इससे नाराज़ विपक्ष सदन में हंगामा करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.


नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि तमनार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई हो रही है. खनन के नाम पर जंगल उजाड़ना सही नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की स्वीकृति नहीं ली गई, फिर भी खनन शुरू कर दिया गया.


कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार ने कहा कि पेड़ों की निरंतर कटाई से जंगल खत्म हो रहा है. भाजपा ‘एक पेड़ मां’ के नाम पर पेड़ लगाती है, लेकिन हमारे क्षेत्र में पेड़ों की कटाई हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि विरोध करने पर पुलिस ने उन्हें बर्बरतापूर्वक हिरासत में लिया था.


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तमनार में पेसा कानून का उल्लंघन हो रहा है. विधानसभा में जो संकल्प पारित है उसका उल्लंघन है. एनजीटी और वन अधिकार कानून के नियमों का उल्लंघन है. तमनार में उद्योगपति की मनानानी चल रही है. स्थानीय निवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है. इससे जाहिर है कि प्रशासन पूरी तरह से उद्योगपति के पक्ष में खड़ा है. 


कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का पर्यावरण खतरे में है और सर्व आदिवासी समाज इस मुद्दे पर नाराज है. आदिवासी समुदाय को अपनी जमीन और जंगलों से वंचित किया जा रहा है. कांग्रेस विधायक अनिला भेंड़िया ने इस पर आरोप लगाया कि जंगल के बहाने आदिवासियों को खत्म किया जा रहा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP