कम्युनिस्ट नेताओं की जानकारी जुटाने का फरमान देने वाले तहसीलदार निलंबित
चेन्नई । डेस्क: तमिलनाडु सरकार ने दिंडीगुल जिले के गुज़िलियमपारई (Guziliamparai) में तैनात तहसीलदार एम. अय्यासामी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है. तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने राजस्व निरीक्षकों और ग्राम सहायकों को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के नेताओं व कार्यकर्ताओं की विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए थे. विवाद बढ़ने के बाद दिंडीगुल के जिलाधिकारी ने एक आधिकारिक नोट जारी कर तहसीलदार के इस आदेश को तत्काल वापस ले लिया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार एम. अय्यासामी ने 18 अगस्त 2026 को एक विवादास्पद सर्कुलर जारी किया था. इसमें उन्होंने अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को शाम तक कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों और नेताओं का पूरा विवरण जमा करने को कहा था. आदेश में यह चेतावनी भी दी गई थी कि समय सीमा के भीतर रिपोर्ट न सौंपने वाले ग्राम सहायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तहसीलदार को निलंबित करते हुए चेन्नई में राजस्व प्रशासन आयुक्त के सामने आगे की पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
तहसीलदार के इस फरमान पर राजनीतिक गलियारों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
सीपीएम के प्रांतीय सचिव पी. शणमुगम ने कहा, "हमें समझ नहीं आ रहा कि तहसीलदार ने ऐसा आदेश क्यों जारी किया. हालांकि, मुझे उनके निलंबन की जानकारी मिली है और इस तुगलकी फरमान की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी."
सीपीएम सांसद सचिदानंदम ने सोशल मीडिया पर इस आदेश की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब देश में राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लागू था और क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट (Criminal Tribes Act) प्रभावी था, उस दौर में भी किसी प्रशासनिक अधिकारी ने ऐसा तानाशाही आदेश जारी नहीं किया था.