PM मोदी और कुवैत के क्राउन प्रिंस की वार्ता: होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर जोर
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित और मुक्त नौवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस चर्चा की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हो रहे हमलों की कड़ा निंदा की और इसे दोनों देशों के लिए एक साझा चिंता का विषय बताया.
पीएम मोदी ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए क्राउन प्रिंस का आभार व्यक्त किया और उन्हें ईद की शुभकामनाएं भी दीं.
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है. यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा यहीं से गुजरता है.
भारत के लिए इस मार्ग की प्रासंगिकता और भी अधिक है, क्योंकि भारत अपने कच्चे तेल का 80 प्रतिशत और एलएनजी आयात का लगभग 50-60 प्रतिशत इसी रास्ते से मंगवाता है. इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों से आने वाली आपूर्ति के लिए यह मुख्य मार्ग है.
ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण ऊर्जा द्वार को बंद करने की चेतावनी और कुवैत पर हाल के दिनों में हुए मिसाइल व ड्रोन हमलों ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है.
ईरानी अधिकारियों के बयानों से संकेत मिलते हैं कि युद्ध के बाद भी इस जलमार्ग के नियमों में बदलाव हो सकता है. ऐसे में पीएम मोदी और कुवैत के क्राउन प्रिंस ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए निरंतर राजनयिक प्रयास और आपसी संवाद अनिवार्य हैं.