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दुर्ग में स्वाइन फ्लू का अलर्ट: 4 नए मामलें, 9 सक्रिय मरीज

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02 सित. 2026, 01:36 PM 4 मिनट में पढ़ें 2

Swine Flu
Swine Flu

दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की हिदायत दी है. चूंकि कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर यह वायरस जल्दी और गंभीर असर डाल सकता है, इसलिए अधिकारियों ने अपील की है कि सर्दी-जुकाम या बुखार जैसे शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल भी हल्के में न लें और तुरंत जांच कराएं.


जिले में संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में स्वाइन फ्लू के 4 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं. ताजा विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीते पांच अगस्त से लेकर एक सितंबर तक जिले में स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने वालों का आंकड़ा 17 तक पहुंच चुका है. फिलहाल शहर में इस बीमारी के 9 सक्रिय मामले मौजूद हैं, जिनका स्वास्थ्य विभाग की कड़ी निगरानी में इलाज किया जा रहा है.

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राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की स्थिति अभी नियंत्रण में है और वे खतरे से बाहर हैं. वर्तमान में जो 9 लोग संक्रमित हैं, उनमें से 7 को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट किया गया है, जबकि 2 मरीजों का घर पर ही आइसोलेशन में इलाज चल रहा है. 


संक्रमण की चेन को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें पॉजिटिव पाए गए लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में जुट गई हैं. इसके साथ ही जिले के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि स्वाइन फ्लू का कोई भी नया या संदिग्ध केस मिलते ही बिना देरी किए सरकारी तंत्र को इसकी सूचना उपलब्ध कराई जाए.


गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन बीमारी है, जो मुख्य रूप से इंफ्लूएंजा 'ए' वायरस के H1N1 स्ट्रेन के कारण होती है. शुरुआती दौर में यह वायरस सूअरों (Swine) में पाया जाता था और उन्हीं से मनुष्यों में फैला, जिसके कारण इसे स्वाइन फ्लू नाम दिया गया. हालांकि, अब यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में सामान्य मौसमी फ्लू की तरह ही आसानी से फैलता है. 


जब कोई संक्रमित व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो हवा में सूक्ष्म बूंदें फैल जाती हैं, जो सांस के जरिए पास मौजूद दूसरे लोगों के शरीर में प्रवेश कर सकती हैं. इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति किसी संक्रमित सतह, जैसे दरवाजे की कुंडी, टेबल या मोबाइल को छूने के बाद अपनी आंख, नाक या मुंह पर हाथ लगाता है, तो वह भी इस वायरस की चपेट में आ सकता है.


इस बीमारी की समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है. इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार आना, लगातार खांसी होना, गले में खराश या दर्द, शरीर व मांसपेशियों में तेज ऐंठन, सिरदर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान महसूस होना शामिल हैं. कुछ मामलों में मरीजों को उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है. 


सामान्यतः यह संक्रमण एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी (जैसे - अस्थमा, डायबिटीज या हृदय रोग) से पीड़ित लोगों में यह निमोनिया का रूप ले सकता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और स्थिति गंभीर हो सकती है.


स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सबसे प्रभावी उपाय स्वच्छता और सतर्कता बनाए रखना है. अपने हाथों को समय-समय पर साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर का उपयोग करें. भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क पहनें और बिना हाथ धोए अपने चेहरे, नाक या आंखों को छूने से बचें. 


यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति बीमार है, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाकर रखें. संक्रमण के मौसम में वार्षिक इंफ्लूएंजा (फ्लू) की वैक्सीन लगवाना भी इससे बचने का एक कारगर तरीका है. यदि आपको बुखार या खांसी जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई दें, तो घर पर आइसोलेट हो जाएं, खूब पानी व तरल पदार्थ पीकर आराम करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर उचित दवा शुरू करें.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP