मंगल, 03 नव. 2026

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सूरजपुर: सड़क हादसे के बाद उग्र बवाल मामले में प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर निलंबित

सूरजपुर के कुबेरपुर गांव में सड़क दुर्घटना के बाद हुए उग्र बवाल व प्रशासनिक शिथिलता पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरगुजा कमिश्नर ने प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

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03 नव. 2026, 07:37 PM 2 मिनट में पढ़ें 34

सूरजपुर के प्रभारी तहसीलदार निलंबित
सूरजपुर के प्रभारी तहसीलदार निलंबित

सूरजपुर । संवाददाता: सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत कुबेरपुर गांव में सड़क दुर्घटना के बाद उत्पन्न हुए भारी बवाल, आगजनी और चक्काजाम के मामले में प्रशासनिक ढिलाई सामने आने पर सख्त कदम उठाया गया है. सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर उदासीनता और लापरवाही बरतने के आरोप में नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अम्बिकापुर (जिला सरगुजा) तय किया गया है.

यह पूरी घटना 17 अक्तूबर की है, जब कुबेरपुर में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से स्कूटी सवार 28 वर्षीया महिला चंद्रवती जायसवाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी. इस हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर घंटों प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया. शाम होते-होते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और उग्र भीड़ ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर समेत एक क्रशर प्लांट में आग लगा दी. 

इस उपद्रव के दौरान ग्रामीणों द्वारा मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को भी घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया. मामले में पुलिस ने उपद्रव करने वाले 26 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है और छह आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है.

घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं राज्य की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए. मंत्री ने पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर भारी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और सवाल उठाया कि दोपहर 12 बजे हादसा होने के बाद भी शाम 7 बजे तक प्रशासन शांत क्यों बैठा रहा. उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उंगली उठाते हुए कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे.

मंत्री के कड़े रुख के बाद सूरजपुर कलेक्टर ने पूरे मामले की गहनता से जांच कराई. जांच रिपोर्ट में प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर बातें सामने आईं. 

रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के बाद निर्मित हुए संवेदनशील माहौल के बावजूद स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी के रूप में उन्होंने कोई तत्परता नहीं दिखाई. संकट के समय इस तरह के ढुलमुल रवैये को कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता मानते हुए कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन के आधार पर सरगुजा कमिश्नर ने यह निलंबन आदेश जारी किया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP