जगदलपुर: निलंबन के बाद भी बस्तर में पटवारियों का प्रदर्शन जारी
प्रशासनिक निलंबन और नोटिस के बाद भी जगदलपुर में पटवारियों का आंदोलन उग्र. 13 अक्टूबर से जारी हड़ताल में पीवी एप और अन्य 4 मांगों को लेकर सड़क पर उतरे राजस्व पटवारी.
जगदलपुर । संवाददाता: बस्तर जिले में 13 अक्टूबर से चल रही पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल निलंबन और कारण बताओ नोटिस की प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रही है. शासन और कर्मचारी संगठन के बीच बढ़ते टकराव के दौरान पटवारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
आंदोलन कर रहे कर्मियों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें ऑनलाइन राजस्व कार्यों की जटिलताओं को खत्म करने और प्रक्रिया के सरलीकरण से संबंधित हैं. हालांकि, प्रशासन द्वारा संवाद के जरिए हल निकालने के बजाय सीधे तबादले, नोटिस और निलंबन की कदम उठाए गए, जिससे विवाद और गहरा गया है.
सोमवार को राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष आनंद कश्यप सहित चार पटवारियों पर हुए निलंबन के विरोध में 150 से अधिक पटवारी काले कपड़े पहनकर जगदलपुर की सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारियों ने एक रैली निकालते हुए डिप्टी कलेक्टर हीरा गर्वना को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
संघ के जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी चार सूत्रीय मांगों और पीवी एप से काम न करने की समस्या का समाधान बातचीत से करने के स्थान पर कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई कर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है.
पटवारियों के इस रुख से जिले की राजस्व व्यवस्था का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. प्रशासन जहां काम बाधित होने के कारण सख्ती अपना रहा है, वहीं कर्मचारी संगठन इसे अपने लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने का प्रयास मान रहा है.
जगदलपुर में हुए इस सड़क प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगों के पूरा होने तक संघ अपना आंदोलन जारी रखेगा, जिससे शासन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध फिलहाल बना हुआ है.