बेटे ने ही ली पिता की जान: दुर्ग में सड़ी-गली हालत में मिला था शव
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक कलयुगी बेटे ने अपने ही जन्मदाता की बेरहमी से हत्या कर दी. मामला बोरी थाना इलाके के नवागांव का है, जहां पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी बेटे को दबोच लिया है.
दरअसल, नवागांव के एक सूने मकान से 17 जून को जब भयंकर बदबू आने लगी, तब पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने भीतर जाकर देखा. कमरे के अंदर 39 वर्षीय कुलेश्वर साहू का बुरी तरह सड़ चुका काला पड़ गया शव बरामद हुआ. इसके बाद मृतक के बेटे नीलकमल साहू को खबर दी गई, जिसने गांव पहुंचकर पुलिस को मामले की सूचना दी.
शुरुआती जांच में पुलिस को शव के माथे पर गहरे जख्म दिखे, जिससे हत्या का शक गहरा गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज भेजा गया.
23 जून को आई शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के शक पर मुहर लगा दी. डॉक्टरों ने खुलासा किया कि कुलेश्वर की मौत सिर पर किसी भारी और ठोस वस्तु के प्रहार से हुई है और यह पूरी तरह हत्या का मामला है.
रिपोर्ट के मुताबिक, शव मिलने से करीब दो-तीन दिन पहले ही वारदात को अंजाम दे दिया गया था. इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में केस दर्ज कर तफ्तीश का दायरा बढ़ाया.
जब पुलिस ने करीबियों और पड़ोसियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो सुई मृतक के बेटे नीलकमल पर जाकर टिक गई. हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया.
पुलिसिया पूछताछ में यह बात निकलकर सामने आई कि इस खूनी वारदात के पीछे सालों का मानसिक तनाव और घरेलू कलह था. आरोपी नीलकमल ने बताया कि करीब 5 साल पहले एक सड़क हादसे के बाद से उसके पिता कुलेश्वर की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी. वह अक्सर हिंसक हो जाते थे और घर में गाली-गलौज व मारपीट करते थे.
पिता की इस प्रताड़ना से तंग आकर करीब दो महीने पहले कुलेश्वर की पत्नी, बेटा और 15 साल की बेटी घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रहने चले गए थे. इसी बीच पिता के रवैये से उपजे आक्रोश में आकर बेटे ने पिता के सिर पर भारी पत्थर पटककर उन्हें मौत की नींद सुला दिया और वहां से भाग निकला.
मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि फॉरेंसिक (FSL) टीम की पड़ताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपी बेटे नीलकमल साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश करने की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.