शशि थरूर ने ट्रंप को बताया 'असामान्य राष्ट्रपति'
सिंगापुर । डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ को भारत के लिए नुकसानदायक बताया और कहा कि इससे देश में पहले ही कई लोग अपनी नौकरियां खो चुके हैं. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए उन्हें "चंचल" और पारंपरिक कूटनीतिक व्यवहार का पालन न करने वाला बताया.
थरूर ने सिंगापुर में CREDAI द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में भारत-अमेरिका संबंधों और टैरिफ के प्रभाव पर सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की.
थरूर ने कहा कि अमेरिका ने भारत से निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने की वजह से 25 प्रतिशत की अतिरिक्त सजा शामिल है.
उन्होंने इसे "अनुचित" बताते हुए कहा कि चीन रूस से भारत से कहीं अधिक तेल और गैस आयात करता है, फिर भी उसे ऐसी सजा का सामना नहीं करना पड़ रहा है. थरूर ने जोर देकर कहा कि अमेरिका को रूस से तेल खरीदने वाले सभी देशों के लिए एक समान नीति अपनानी चाहिए.
उन्होंने चेतावनी दी कि टैरिफ के कारण भारत की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो रहा है, खासकर सूरत के रत्न और आभूषण उद्योग में, जहां 1.35 लाख लोगों ने अपनी नौकरियां खो दी हैं. इसके अलावा, समुद्री खाद्य और विनिर्माण क्षेत्रों में भी नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है.
थरूर ने कहा, "पहले 25 प्रतिशत टैरिफ ने कई उत्पादों के निर्यात को अव्यवहारिक बना दिया था, और अब अतिरिक्त 25 प्रतिशत की सजा ने अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा को लगभग असंभव कर दिया है."
थरूर ने भारत से अपील की कि वह अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाए ताकि टैरिफ के प्रभाव को कम किया जा सके. उन्होंने हाल ही में यूके के साथ हुए व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही, उन्होंने यूरोपीय देशों के साथ गठजोड़ बढ़ाने और एक "भारत-यूरोप ध्रुव" बनाने की वकालत की, जो वैश्विक मंच पर प्रभावी हो सकता है.
कांग्रेस नेता ने ट्रंप को "असामान्य राष्ट्रपति" करार देते हुए कहा, "44 या 45 राष्ट्रपतियों के बाद भी, व्हाइट हाउस से इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं देखा गया." उन्होंने ट्रंप के बयानों, जैसे नोबेल शांति पुरस्कार की मांग और भारत व रूस की अर्थव्यवस्थाओं को "मृत" कहने की आलोचना की.
थरूर ने कहा, "क्या आपने कभी किसी विश्व नेता को यह कहते सुना है कि सभी देश उनके सामने झुकना चाहते हैं? यह अभूतपूर्व है."
थरूर ने यह भी कहा कि भारत को न केवल निर्यात बाजारों में, बल्कि राजनीतिक संवाद में भी विविधता लानी होगी.
उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र किया, जैसे भारतीय प्रधानमंत्री की चीन यात्रा और रूसी राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा. उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद, अब बातचीत को बेहतर करने की कोशिश हो रही है, और रूस के साथ संबंध "और गर्म" हो सकते हैं.
थरूर ने सुझाव दिया कि भारत को अपनी रणनीति मजबूत करने के लिए कठिन कदम उठाने होंगे. "हमें यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि हम इन टैरिफ के प्रभाव को आसानी से झेल लेंगे. हमें नए बाजार तलाशने होंगे और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी," उन्होंने कहा.
सिंगापुर में CREDAI-NATCON सम्मेलन में 1,000 से अधिक रियल एस्टेट डेवलपर्स और सलाहकार हिस्सा ले रहे हैं.