जेपी नड्डा से मिले 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रतिनिधि
नई दिल्ली । डेस्क: नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर देश की राजधानी सोमवार को रणक्षेत्र बन गई. इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने मध्य दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया और संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की.
इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने भारी पुलिस बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे.
संसद मार्ग के पास बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई. सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद की शुरुआत की.
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर करीब 10 मिनट तक मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों का एक लिखित पत्र सौंपा.
मुलाकात के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि संगठन की मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए जेपी नड्डा ने कुछ समय मांगा है.
इन प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ससम्मान रिहाई और नीट परीक्षा के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले सभी परीक्षार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है.
वहीं सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब दो घंटे के इंतजार के बाद स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात संभव हो सकी, लेकिन इस बीच सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस की ओर से बल प्रयोग किया जा रहा है और सामूहिक गिरफ्तारियां की जा रही हैं.
आधिकारिक सूत्रों ने भी इस उच्च स्तरीय बैठक की पुष्टि की है और बताया है कि प्रदर्शनकारियों के रुख को देखते हुए सरकार के भीतर आंतरिक विचार-विमर्श का दौर शुरू हो गया है.
माना जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने और छात्रों के गुस्से को शांत करने के लिए सरकार जल्द ही इस पूरे मामले पर एक औपचारिक बयान जारी कर सकती है. फिलहाल प्रदर्शनकारियों के तेवरों को देखते हुए दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है.