रामानुजगंज: KCC लोन घोटाले के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल
रामानुजगंज । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में धान खरीदी की रुकी हुई राशि के भुगतान और कथित रूप से हुए फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन मामले को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सामने किसान नेता नरेंद्र सिंह की अगुवाई में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है.
आंदोलनकारी किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 20 जून से वे इसी स्थल पर सामूहिक रूप से बेमियादी भूख हड़ताल शुरू कर देंगे. इस संबंध में स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को एक लिखित ज्ञापन भी सौंप दिया गया है.
इस आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है. जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की मांगों को जायज ठहराया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए.
उन्होंने एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां दिवंगत हो चुके लोगों के साथ-साथ जेल में बंद कैदियों के नाम पर भी बैंकों से लोन निकाल लिए गए. कांग्रेस नेता ने पूरे प्रकरण की एक उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अन्नदाताओं की इस गंभीर समस्या का समाधान न होना बेहद चिंताजनक है.
दरअसल, प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि उनकी बिना किसी सहमति और जानकारी के उनके नाम पर बैंक दस्तावेजों में फर्जी केसीसी कर्ज दर्ज दिखा दिए गए हैं. इस कथित लोन के बहाने प्रशासन ने उनकी धान बिक्री की वैधानिक राशि को रोक दिया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीण और किसान गहरे आर्थिक संकट में फंस गए हैं.
किसान नेता नरेंद्र सिंह ने आशंका जताई है कि अगर इस पूरे मामले की परतें खुलीं, तो जिले में करोड़ों रुपये का एक बहुत बड़ा कर्ज घोटाला उजागर हो सकता है. किसानों का संकल्प है कि जब तक उनके रोके गए पैसों का भुगतान नहीं हो जाता और फर्जीवाड़े के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह संघर्ष थमने वाला नहीं है.