छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में बारिश की चेतावनी
शिवनाथ नदी में छोड़ा गया चार जलाशयों से पानी
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से लगातार बदली बारिश के बाद गुरुवार को सुबह से मौसम साफ हो गया था. दोपहर में मौसम ने फिर करवट ली और बारिश शुरू हो गई.
मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी दी है.
इसके बाद 11 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है.
प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 13.2 मिमी पानी गिरा है. वहीं अब तक कुल 343.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है. यह सामान्य से 15 फीसदी ज्यादा है.
अब तक कम वर्षा की मार झेल रहे दुर्ग में 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है. दुर्ग में 13 सेमी बारिश दर्ज की गई है.
इसी तरह बालोद में 12 सेमी, अहिवारा में 10 सेमी, धमधा और मंदिर हसौद में 9-9 सेमी बारिश हुई.
बोरई, अर्जुंदा में 8, धरसींवा, डौडीलोहारा, भखारा, पाटन , भिलाई में 7-7 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है.
इसी तरह माना, मार्री बंगला, रायपुर शहर, खैरागढ़ में 6, सरायपाली, आरंग, अंबागढ़ चौकी, पामगढ़, खरोरा, गोबरा नवापारा, गुंडरदेही, छुरिया, लाभांडी, मोहला व राजनांदगांव में 5-5 सेमी बारिश हुई.
प्रदेश के कई स्थानों पर 1 से 4 सेमी तक पानी गिरा है.
शिवनाथ नदी में बाढ़
मोगरा बांध सहित चार जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया.
नदी किनारे बसे गांवों में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है. शिवनाथ नदी में चार जलाशयों से कुल 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
मोंगरा बैराज से 20 हजार क्यूसेक, घुमरिया नाला बैराज से 10,800 क्यूसेक, सूखा नाला बैराज से 5,200 क्यूसेक और खातू टोला बैराज से 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.
इससे पहले बुधवार को दुर्ग जिले के थनौद गांव में शिवनाथ नदी में आई अचानक बाढ़ से 32 मजदूर फंस गए थे. जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया.
शिवनाथ नदी की तरह ही प्रदेश में कई नदी-नाले उफान पर हैं.
इन जिलों में बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, महासमुंद, गरियाबंद सहित 10 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
इसके अलावा रायपुर-बेमेतरा, कबीरधाम सहित 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.
बलौदाबाजार, रायगढ़, जशपुर समेत 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है.
इसके बाद 11 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है.