पीएम मोदी बस्तर में मनाएंगे दिवाली, सुरक्षा बलों के साथ खास उत्सव
वर्षों से देश की सीमाओं और संवेदनशील इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा को निभाते हुए प्रधानमंत्री मोदी इस बार बस्तर पहुँच रहे हैं, जहाँ वे जवानों के त्याग और समर्पण को नमन करेंगे.
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष दिवाली का त्योहार छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षा अधिकारियों के साथ मनाने जा रहे हैं. एक समय में यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से माओवाद से बुरी तरह प्रभावित था, लेकिन अब यहाँ की परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं और विकास की गति तेज़ हुई है. प्रधानमंत्री का यह दौरा क्षेत्र में आए इस सकारात्मक बदलाव और प्रगति को रेखांकित करेगा.
अपनी यात्रा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों के त्याग, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को नमन करने के लिए बस्तर जा रहे हैं. उन्होंने उल्लेख किया कि यह वही इलाका है जहाँ कभी नक्सलवाद का बोलबाला हुआ करता था, लेकिन आज यहाँ विकास फल-फूल रहा है.
पिछले एक दशक से अधिक समय से प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल देश के सशस्त्र बलों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा बनाई हुई है. वे मैदानों, पहाड़ों या कठिन सीमाओं जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में जाकर जवानों के साथ रोशनी का यह त्योहार मनाते हैं.
बीते वर्ष उन्होंने गोवा-कारवार तट के पास स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर भारतीय नौसेना के जवानों के साथ पहली बार दिवाली मनाई थी. विशेष रूप से, 2 सितंबर 2022 को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में देश के इस पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत को उन्होंने ही राष्ट्र को समर्पित किया था.
प्रधानमंत्री के रूप में वर्ष 2014 में अपनी पहली दिवाली उन्होंने विश्व के सबसे ऊँचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों के साथ मनाई थी. इसके बाद के वर्षों में वे देश के विभिन्न संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में पहुँचे. उन्होंने 2015 में पंजाब सीमा, 2016 में हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास सुमदोह की ऊँची पोस्ट और 2017 में उत्तरी कश्मीर के कठिन गुरेज़ सेक्टर में जवानों के साथ त्योहार मनाया.
इसी क्रम में, वे 2018 में उत्तराखंड के हर्षिल, 2019 में जम्मू-कश्मीर के राजौरी, 2020 में राजस्थान के ऐतिहासिक लोंगेवाला रेगिस्तानी पोस्ट, 2021 में जम्मू-कश्मीर के नौशेरा, 2022 में लद्दाख के कारगिल, 2023 में हिमाचल प्रदेश के लेपचा और 2024 में गुजरात के सिर क्रीक में रक्षा बलों के बीच दिवाली मना चुके हैं.