रायगढ़: गाड़ी की चाहत ने ली विवाहिता की जान, 2 लाख के दहेज के लिए महिला ने की आत्महत्या
रायगढ़ के जैमुड़ा में दहेज लोभियों की बलि चढ़ी विवाहिता. कार के लिए 2 लाख रुपए की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित नीता पटेल ने उठाया आत्मघाती कदम; पुलिस ने पति, सास व ससुर को भेजा सलाखों के पीछे.
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में भूपदेवपुर पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर धारा 80, 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर शनिवार को तीन आरोपियों—पति राकेश पटेल, ससुर बंधुराम पटेल और सास शांति बाई पटेल—को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है. पुलिस द्वारा बुधवार को मामला पंजीकृत किए जाने के बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई है.
इस पूरी दुखद घटना की शुरुआत 19 अक्टूबर की दोपहर को हुई थी, जब ग्राम जैमुड़ा की रहने वाली 34 वर्षीया नीता पटेल ने अपने घर के भीतर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी. इसके बाद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहाँ रिपोर्ट में फांसी लगाने से ही मृत्यु होने की पुष्टि हुई.
जांच और मायके पक्ष के बयानों में यह बात खुलकर सामने आई कि नीता का विवाह करीब तीन वर्ष पूर्व ग्राम जैमुड़ा निवासी बंधुराम के पुत्र 34 वर्षीय राकेश पटेल से सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ था. विवाह के लगभग एक वर्ष बीतने के बाद से ही ससुराल के लोग—पति राकेश, 52 वर्षीया सास शांति बाई और 56 वर्षीय ससुर बंधुराम—कम दहेज लाने तथा मोटरसाइकिल न देने की बात पर नीता के साथ अक्सर झगड़ा और मारपीट करने लगे थे.
उत्पीड़न का यह दौर तब और बढ़ गया जब करीब चार-पांच महीने पहले ससुराल वालों ने कार खरीदने के नाम पर नीता पर मायके से 2 लाख रुपए लाने का दबाव बनाया. इस रकम की मांग को लेकर उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. इसी प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर अंततः उसने आत्मघाती कदम उठा लिया, जिसका खुलासा मर्ग जांच के दौरान परिजनों के दर्ज बयानों से हुआ.