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कोरिया: अंतरराष्ट्रीय युद्ध के नाम पर 10 लाख का साइबर फ्रॉड

कोरिया जिले की चरचा ईस्ट कॉलरी में पदस्थ माइनिंग सरदार और उनकी पत्नी को ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी रिटर्न का लालच देकर 10 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया. साइबर पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है.

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07 नव. 2026, 07:51 PM 3 मिनट में पढ़ें 12

SECL कर्माचारी से 10 लाख की साइबर ठगी
SECL कर्माचारी से 10 लाख की साइबर ठगी

मनेन्द्रगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एसईसीएल की चरचा ईस्ट कॉलरी में माइनिंग सरदार के पद पर कार्यरत सुमित कुमार चखियार और उनकी पत्नी शुभ्रा साइबर ठगों के बुने जाल का शिकार बन गए. चरचा ओल्ड स्टाफ कॉलोनी में रहने वाले इस दंपती से ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए भारी लाभ कमाने का झांसा देकर कुल 10 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली गई. 

ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित दंपती ने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद चरचा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है.

जांच और शिकायत के अनुसार, धोखाधड़ी की यह पटकथा लगभग छह महीने पहले लिखी गई थी, जब माइनिंग सरदार के फोन पर दो अज्ञात नंबरों से संपर्क किया गया. खुद को रंकज और सरदार मंजीत सिंह बताने वाले जालसाजों ने पीड़ितों को 'स्पोवा डॉट कॉम' वेबसाइट पर खाता खुलवाकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया. 

आरोपियों ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का हवाला देकर क्रूड ऑयल (तेल) के दामों में उछाल आने का दावा किया और 5 लाख रुपये के निवेश पर दोगुने मुनाफे का लालच दिया. झांसे में आकर पीड़ितों ने 6 अप्रैल को आरटीजीएस के माध्यम से महादेव कंस्ट्रक्शन नाम के बैंक खाते में 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. इसके बाद उनके ट्रेडिंग खाते में 4488 डॉलर का बैलेंस दिखने लगा, जो एक सप्ताह के भीतर तेल ट्रेडिंग के जरिए बढ़कर 16,000 डॉलर प्रदर्शित होने लगा.

जब पीड़ितों ने अपना मुनाफा निकालकर खाता बंद करने की बात कही, तो शातिर ठगों ने अधिक लाभ का लालच देकर दोबारा गलत ट्रेड लगवा दिया और उनका पूरा फंड शून्य कर दिया. इसके बाद रंकज और शुभ्रा के बीच विवाद हुआ, जिसके कुछ समय बाद सरदार मंजीत सिंह ने फोन कर दावा किया कि कंपनी ने रंकज को निकाल दिया है. 

दोबारा भरोसा जीतने के लिए उनसे 50 हजार रुपये का निवेश कराया गया, जिस पर एक हफ्ते में 70 हजार रुपये का फायदा दिखाया गया. इस छलावे में आकर दंपती ने 10 सितंबर को 2 लाख, 11 सितंबर को 2 लाख रुपये आरटीजीएस द्वारा और 1 लाख रुपये यूपीआई के जरिए आरोपियों को भेज दिए. इस बार ठगों ने सोने (गोल्ड) में ट्रेडिंग का बहाना बनाकर एक महीने में 9,000 डॉलर का फायदा दिखाया, लेकिन जब पीड़ितों ने अपनी मूल रकम और लाभांश मांगा तो मंजीत सिंह ने फोन उठाना बंद कर दिया, जिससे साइबर अपराध का भंडाफोड़ हुआ.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP