सुप्रीम कोर्ट ने कोयला लेवी कांड में आरोपी राकेश जैन की रेगुलर बेल की मंजूर
कोयला लेवी घोटाले में 11 दिसंबर 2025 से बंद राकेश जैन को सुप्रीम कोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है. ट्रायल कोर्ट की शर्तों पर रिहा होने वाले जैन का नाम शुरुआती एफआईआर में शामिल नहीं था.
नई दिल्ली । डेस्क: कोयला परिवहन में प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली से जुड़े छत्तीसगढ़ के 540 करोड़ रुपये के बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट से एक नया मोड़ आया है. इस प्रकरण की जांच के दौरान 11 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किए गए राकेश जैन को दिवाली से ठीक पहले नियमित जमानत दे दी गई है. मामले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के कथित सहयोगी माने जाने वाले जैन को अब ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की जाने वाली शर्तों के आधार पर रिहाई मिलेगी.
इससे पूर्व छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.
न्यायालय ने इस याचिका का निपटारा करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखा. मुख्य न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि मामले में जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र भी पेश किया जा चुका है.
अदालत ने इस बात को रेखांकित किया कि राकेश जैन का नाम प्रारंभिक एफआईआर में नहीं था, बल्कि उन्हें 10 मार्च 2026 को प्रस्तुत किए गए चौथे पूरक आरोपपत्र के जरिए आरोपी बनाया गया था. इसके साथ ही प्रकरण के अन्य सह-आरोपी पहले से जमानत पर बाहर हैं, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
अभियोजन पक्ष का दावा है कि इस पूरे मामले में लगभग 540 करोड़ रुपये की भारी रकम की अवैध वसूली की गई थी, जिसमें राकेश जैन पर इस राशि को खपाने में सहयोग करने का आरोप दर्ज किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब जैन की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.