बलौदाबाजार: धान खरीदी में हेराफेरी, 9 प्रभारी बर्खास्त, 4 कर्मचारियों से होगी वसूली
बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी में अनियमितता और अप्रत्याशित कमी मिलने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. 13 दोषी कर्मचारियों पर गाज गिराते हुए 9 को सेवा से पृथक कर दिया गया है.
बलौदाबाजार । संवाददाता: 15 नवंबर से शुरू हो रही धान खरीदी से ठीक पहले बलौदाबाजार जिले में प्रशासनिक अमले की सख्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने चेतावनी दी है कि उपार्जन के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में नई व्यवस्था के जरिए किसानों से धान की खरीदी कितनी सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो पाती है.
दरअसल, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न उपार्जन केंद्रों में धान की अप्रत्याशित कमी और व्यापक अनियमितताएं पाई गई थीं. व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और पारदर्शिता बनाए रखने के मकसद से प्रशासन ने धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले कुल 13 कर्मचारियों पर सीधी कार्रवाई की है. इस फैसले के तहत 9 उपार्जन केंद्र प्रभारियों को तुरंत प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है, वहीं 4 अन्य कर्मियों से नुकसान की भरपाई (वसूली) करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अतिरिक्त, इन सभी 13 कर्मचारियों को इस वर्ष होने वाली संपूर्ण धान खरीदी प्रक्रिया से पूरी तरह से निष्कासित कर दिया गया है.
प्रशासनिक गाज की जद में जिले के मनोहरा, केसली, कामता, निपनिया, बिटकुली, खैरा, सिंगारपुर, कर्मदा, छेरकापुर, खरतोरा, करहीबाजार और मोहभट्टा समेत कुल 13 केंद्रों के कर्मचारी आए हैं.
इन केंद्रों में धान के स्टॉक में अप्रत्याशित कमी को अधिकारियों ने बेहद गंभीरता से लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि उपार्जन व्यवस्था में खलल डालने या धांधली करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उल्लेखनीय है कि जिले के कुल 181 केंद्रों में 15 नवंबर से धान उपार्जन की विशाल प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है, जिसकी तैयारियों के बीच यह कठोर कदम उठाया गया है.