शनि, 07 नव. 2026

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राहुल गांधी का PM मोदी से सवाल: पेट्रोल में कितना एथनॉल, गाड़ियां क्यों हो रहीं खराब?

कर्नाटक की लैब रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तंज: ‘E20 बना 420, जनता की जेब पर डाका और गाड़ियों का नुकसान.’

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07 नव. 2026, 01:01 PM 2 मिनट में पढ़ें 61

राहुल गांधी- फाइल फोटो
राहुल गांधी- फाइल फोटो

नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर पेट्रोल में तय सीमा से अधिक एथनॉल मिलाकर लोगों की गाड़ियों को बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि E20 अब 420 में बदल चुका है और जनता की कारों से पेट्रोल चुराया जा रहा है. 

राहुल गांधी के अनुसार, मोदी सरकार दावा करती है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल है, लेकिन कर्नाटक सरकार द्वारा 7 जिलों से एकत्रित 14 नमूनों की मान्यता प्राप्त लैब में कराई गई जांच में 11 नमूनों में 20 प्रतिशत से अधिक एथनॉल पाया गया. IOCL के सैंपल में 31.2 प्रतिशत और HPCL के सैंपल में 30.5 प्रतिशत तक एथनॉल मिला. उन्होंने कहा कि सरकारी हो या निजी, सभी कंपनियों ने सीमा पार की है और कंपनियों की अपनी लैब ने एथनॉल की मात्रा रिपोर्ट तक नहीं की.

गाड़ियों के नुकसान और बहस की चुनौती का मुद्दा

राहुल गांधी ने कहा कि जनता महंगे पेट्रोल का भुगतान कर रही है, लेकिन टंकी में एथनॉल भरा जा रहा है. गाड़ियां इतना अधिक एथनॉल झेलने के लिए नहीं बनी हैं, जिससे माइलेज घट रहा है और लोगों को बार-बार मैकेनिक के पास जाना पड़ रहा है. पंपों पर कोई लेबल न होने से जनता के पास कोई विकल्प नहीं बचा है. 

उन्होंने प्रधानमंत्री से सीधा सवाल किया कि देश की ईंधन टंकी में कितना एथनॉल मिलाया जा रहा है और तय सीमा से अधिक मिलावट करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई कब होगी. इसके साथ ही उन्होंने अपनी पुरानी बहस की चुनौती को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे को भी बहस में शामिल किया जाए कि इन नीतियों से आखिरकार फायदा किसे हो रहा है.

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तेल कंपनियों की सफाई और आरोपों का खंडन

कर्नाटक सरकार के नतीजे आने के बाद इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने एक संयुक्त बयान जारी कर इन आरोपों को खारिज कर दिया. तेल विपणन कंपनियों ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट किए गए दावे निर्धारित वैधानिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के अनुसार किए गए परीक्षणों पर आधारित नहीं हैं. 

कंपनियों का कहना है कि देशभर में आपूर्ति किया जाने वाला E20 पेट्रोल भारतीय मानक ब्यूरो के विनिर्देश IS 17021 के अनुरूप है. इसके अलावा, तेल कंपनियों ने कर्नाटक में अक्टूबर 2026 में की गई नमूना संग्रह प्रक्रिया और पद्धति पर अपनी चिंताएं जताई हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP