नरेश भट्ट का सनसनीखेज कबूलनामा, आरी से किए पत्नी के शव के टुकड़े पर मारा नहीं
अमेरिका के वर्जीनिया में अपनी नेपाली पत्नी ममता काफ्ले की हत्या के आरोपी नरेश भट्ट ने अदालत में अपनी पत्नी के शव को आरी से काटने और ठिकाने लगाने की बात स्वीकार कर ली है. हालांकि, उसने हत्या के आरोप को खारिज करते हुए दावा किया कि ममता की मौत आत्महत्या से हुई थी.
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका के वर्जीनिया स्थित प्रिंस विलियम काउंटी सर्किट कोर्ट में चल रहे एक चर्चित और सनसनीखेज मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है. अपनी पत्नी ममता काफ्ले की प्रथम-दृश्य हत्या (फर्स्ट-डिग्री मर्डर) के आरोपी 39 वर्षीय नरेश भट्ट ने अदालत में जूरी के समक्ष यह स्वीकार कर लिया है कि उसने पावर आरी से अपनी पत्नी के शव को काटा और अवशेषों को कचरे के बैगों में भरकर फेंक दिया. हालांकि, उसने हत्या के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि ममता ने आत्महत्या की थी और घबराहट तथा पकड़े जाने के डर से उसने यह कदम उठाया.
अदालत में नरेश भट्ट का कबूलनामा और विरोधाभासी बयान
प्रिंस विलियम काउंटी सर्किट कोर्ट में बचाव पक्ष के पहले गवाह के रूप में पेश हुए नरेश भट्ट ने दुभाषिए के माध्यम से अपनी गवाही दर्ज कराई. उसने अदालत को बताया कि जुलाई 2024 में उसने अपने मनासास पार्क स्थित घर के बेडरूम के फर्श पर ममता को अचेत पाया था. पास ही उल्टी, कीटनाशक के खुले डिब्बे और गोलियां पड़ी थीं. भट्ट के अनुसार, उसने लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक उसे पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ. उसने डर और घबराहट के कारण पुलिस (911) को फोन नहीं किया.
यह नया बयान भट्ट के उस शुरुआती दावे से पूरी तरह अलग है जो उसने पुलिस को दिया था, जिसमें उसने कहा था कि ममता घर छोड़कर चली गई है और शायद न्यूयॉर्क या टेक्सास में है. अभियोजन पक्ष के क्रास-एग्जामिनेशन के दौरान जब अभियोजक मैथ्यू स्वीट ने उसे "झूठा" कहा, तो भट्ट ने स्वीकार किया कि उसने ममता के रिश्तेदारों, दोस्तों, पड़ोसियों और पुलिस से झूठ बोला था.
वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा और संदिग्ध इंटरनेट सर्च
गवाही के दौरान भट्ट ने स्वीकार किया कि अगस्त 2023 में बेटी के जन्म के बाद ममता तनावग्रस्त रहने लगी थी और उनके रिश्ते में कड़वाहट आ गई थी. दोनों के बीच झगड़ों के दौरान तलाक और आत्महत्या की धमकियां दी जाती थीं. अदालत में दिसंबर 2023 के फोटो और वीडियो भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें ममता के चेहरे पर चोट के निशान और खून से सना हाथ दिखाई दे रहा था.
मामले में अभियोजन पक्ष ने डिजिटल साक्ष्य भी पेश किए. भट्ट के फोन से मार्च 2024 में "यदि जीवनसाथी गायब हो जाए तो क्या होता है" जैसे सर्च किए गए थे. 30 जुलाई 2024 की आधी रात को "मानव मस्तिष्क आरेख" और सुबह "मेरे पास मुर्गी फार्म" की खोज की गई थी. इसके अलावा, अप्रैल 2024 में उसके आधिकारिक खाते से खोजा गया था कि जीवनसाथी की मौत के बाद शादी करने में कितना समय लगता है.
वैज्ञानिक साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच
जांचकर्ताओं के अनुसार, भट्ट ने 2 जून 2024 को फेयरफैक्स स्थित होम डिपो से एक रयोबी आरी खरीदी थी, जिसे उसने बाद में एक माली को मजदूरी के रूप में दे दिया. फॉरेंसिक जांचकर्ताओं को आरी पर खून जैसे लाल-भूरे धब्बे और बाल मिले. वर्जीनिया फॉरेंसिक विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि आरी पर मिला डीएनए ममता के प्रोफाइल से मेल खाता है. इसके अतिरिक्त, बेडरूम के कालीन पर मिले खून के नमूनों में भी ममता और उनकी बेटी का डीएनए पाया गया.
सीसीटीवी फुटेज और वाहन रिकॉर्ड से पता चला है कि भट्ट ने 30 जुलाई को मनासास के लिडल से 40 ट्रैश बैग और 31 जुलाई को वॉलमार्ट से कालीन क्लीनर और सफाई का सामान खरीदा था. फेयरफैक्स के एक गैस स्टेशन के पास कपड़ों के दान पात्र से पुलिस को एक चटाई भी मिली, जिस पर खून के धब्बे थे.
मुकदमे की स्थिति और आगे की कार्यवाही
अभियोजन पक्ष ने 80 से अधिक गवाहों से पूछताछ के बाद 2 नवंबर को अपना पक्ष पूरा कर लिया. बचाव पक्ष द्वारा मामले को खारिज करने की याचिका को जज किम्बरली इरविंग ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि शादी में विवाद और ममता की मृत्यु के वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद हैं. ममता का शव अब तक बरामद नहीं हो सका है, जिससे उसकी मौत का वास्तविक कारण चिकित्सा रूप से स्थापित नहीं हो पाया है.
कोर्ट की कार्यवाही सोमवार, 9 नवंबर को पुनः शुरू होगी, जहां बचाव पक्ष भट्ट से आगे की पूछताछ करेगा और अपना अंतिम गवाह पेश करेगा. इसके बाद अभियोजन पक्ष के खंडन गवाहों को सुना जाएगा. मामले में मंगलवार, 10 नवंबर को अंतिम बहस होने की संभावना है, और 12 नवंबर तक जूरी का फैसला आ सकता है.