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कांगो में ADF आतंकी हमला: 33 लोगों की हत्या, अस्पताल में आगजनी के बाद भागे इबोला मरीज

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के उत्तर किवू प्रांत में एडीएफ आतंकियों ने भीषण हमला बोलकर 33 ग्रामीणों को मार डाला और कई घरों को आग के हवाले कर दिया. हमले के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में आगजनी के बाद इबोला के संदिग्ध और पुष्ट मरीज भाग निकले, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट और गहरा गया है.

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07 नव. 2026, 01:08 AM 2 मिनट में पढ़ें 60

कांगो- आतंकियों द्वारा जलाये घर
कांगो- आतंकियों द्वारा जलाये घर

नई दिल्ली । डेस्क: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के पूर्वी हिस्से में स्थित उत्तर किवू प्रांत के कैंटीन गांव में सशस्त्र हमलावरों ने रातभर भीषण तबाही मचाई. अधिकारियों और नागरिक समाज समूहों के अनुसार, आईएसआईएल (ISIL) से संबद्ध Allied Democratic Forces (ADF) के आतंकियों ने इस हमले में 33 लोगों की हत्या कर दी और 50 से अधिक मकानों को आग के हवाले कर दिया.

हमले के दौरान कैंटीन गांव के केलेकेले अस्पताल केंद्र के करीब 50 मीटर की दूरी तक गोलीबारी हुई और घरों को जलाया गया. आगजनी और हिंसा के डर से अस्पताल में भर्ती 180 मरीज भाग निकले, जिनमें एक पुष्ट इबोला मरीज और कई संदिग्ध मामले शामिल हैं. अस्पताल के चिकित्सा निदेशक क्रिश्चियन काकुले के अनुसार, उच्च जोखिम वाले संपर्कों और निगरानी में रखे गए लोगों के बाहर भागने से इबोला वायरस के बड़े पैमाने पर फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है.

उत्तर किवू के बेनी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रशासक कर्नल चार्ल्स ओमेओन्गा और नागरिक समाज के नेताओं ने पुष्टि की है कि अधिकांश पीड़ितों को गोली मारी गई, जबकि कुछ को जिंदा जला दिया गया या कुल्हाड़ियों से काट दिया गया. इस हमले के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है.

कांगो इस समय इतिहास के सबसे तेजी से फैलने वाले इबोला प्रकोप से जूझ रहा है. अफ्रीका सीडीसी (Africa CDC) के आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में इबोला के 10,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 5,300 लोगों की मौत हो चुकी है. उत्तर किवू प्रांत बुंडिबुग्यो प्रकोप के नए संक्रमणों में लगभग आधे हिस्से के लिए जिम्मेदार है.

मूल रूप से युगांडा से जुड़े और 2019 में ISIL के प्रति निष्ठा जताने वाले ADF समूह ने जुलाई 2025 में भी पूर्वी कांगो में 66 लोगों की हत्या की थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने 'रक्तपात' करार दिया था. क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद हुए इस हमले को स्थानीय नागरिक समाज ने बड़ी सुरक्षा विफलता बताया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP