लेह कैंपस चुनाव में ABVP के 5 सीटों पर कब्ज़े से BJP गदगद, लद्दाख के नेता हैरान
लद्दाख विश्वविद्यालय के लेह परिसर छात्र संघ चुनाव में ABVP ने 8 में से 5 सीटों पर जीत दर्ज की है. जहां गृह मंत्री अमित शाह और नितिन गडकरी ने इसे राष्ट्रवाद की जीत बताया, वहीं स्थानीय नेताओं ने चुनाव में प्रलोभन के आरोप लगाते हुए आश्चर्य जताया है.
नई दिल्ली । डेस्क: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने लद्दाख विश्वविद्यालय के लेह परिसर में आयोजित छात्र संघ चुनाव की 8 में से 5 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. इस चुनावी नतीजे से भारतीय जनता पार्टी में खुशी का माहौल है, जबकि राज्य का दर्जा और विशेष संवैधानिक सुरक्षा उपायों के लिए संघर्ष कर रहे क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक समूहों के लिए इसे एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है.
ABVP के अनुसार, उनके विजयी उम्मीदवारों में दावा नामग्याल (अध्यक्ष), त्सेरिंग यांगडोल (उपाध्यक्ष), स्टेनज़िन रिगडोल (महासचिव), रबस्किट डोल्मा (संयुक्त सचिव) और तेनज़िन त्सेवांग (खेल सचिव) शामिल हैं. इसके अलावा, गैर-ABVP उम्मीदवारों में स्टेनज़िन इंगज़ल (कोषाध्यक्ष), मेफाम अंगमो (सांस्कृतिक सचिव) और शराफत अली (मीडिया सचिव) ने जीत दर्ज की है.
इस परिणाम पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बधाई देते हुए इसे "विभाजनकारी और अराजक ताकतों" के खिलाफ देश की युवा पीढ़ी की राष्ट्रवाद में अटूट आस्था का प्रतीक बताया. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इसे युवा भारत का राष्ट्रवाद और राष्ट्र निर्माण के प्रति बढ़ता विश्वास करार दिया.
दूसरी ओर, लेह एपेक्स बॉडी के अध्यक्ष छेरिंग दोर्जय लाक्रुक ने इस नतीजे पर हैरानी व्यक्त की. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र नेताओं को विभिन्न प्रलोभन देकर खरीदा गया है और इस चुनाव में भारी धनराशि खर्च की गई है.
लाक्रुक ने यह भी कहा कि इस मामले में कांग्रेस की स्थिति निराशाजनक रही. पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष स्टेनज़िन कुंसल ने भी दावा किया कि कई उम्मीदवार चुनाव के बाद ABVP में शामिल हुए और विपक्ष के वोटों का विभाजन भी इस हार की एक बड़ी वजह बना.
वहीं, ABVP के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दोरजय नामग्याल ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि संगठन का मुख्य ध्यान केवल छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है.
यह चुनावी नतीजा ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिनों पहले ऑल लद्दाख लिकर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने लद्दाख को नशामुक्त क्षेत्र बनाने की कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांग को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया था.