रवि, 08 नव. 2026

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बेंजामिन नेतन्याहू का आह्वान- 'राष्ट्रीय एकता सरकार', विपक्षी यशर पार्टी ने बताया 'सस्ता स्पिन'

राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग द्वारा सरकार बनाने के जनादेश की घोषणा से ठीक पहले, बेंजामिन नेतन्याहू ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए 'राष्ट्रीय एकता सरकार' बनाने की मांग की. हालांकि, गादी आइजनकोट की यशर पार्टी ने उनकी इस अपील को 'सस्ता स्पिन' बताकर खारिज कर दिया है.

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08 नव. 2026, 12:42 AM 3 मिनट में पढ़ें 10

बेंजामिन नेतन्याहू- ईजरायल के प्रधानमंत्री
बेंजामिन नेतन्याहू- ईजरायल के प्रधानमंत्री

नई दिल्ली । डेस्क: चुनावों के बाद पहली बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को स्पष्ट रूप से एक 'राष्ट्रीय एकता सरकार' बनाने का आह्वान किया है. नेतन्याहू ने देश में एकता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यह समय की मांग और जनता की इच्छा है. उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवाद के समर्थकों पर निर्भर रहने वाली कोई भी सरकार आतंकवाद से नहीं लड़ सकती. नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग रविवार को यह तय करने वाले हैं कि 2026 के चुनावों के बाद अगली सरकार बनाने का जनादेश किसे सौंपा जाएगा.

विपक्षी गठबंधन और 'इस्लामवादियों' पर बोला हमला, कहा- देश का अस्तित्व खतरे में

अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वे अरब पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां हमास का समर्थन करती हैं और इजरायल के अस्तित्व को कमजोर करना चाहती हैं. 

नेतन्याहू ने कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन 'इस्लामवादियों' के साथ मिलकर सरकार बनाता है, तो इजरायल भीतर से तबाह हो जाएगा और देश का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी सरकार गाजा और लेबनान में लड़ रहे सैनिकों की रक्षा करने, ईरान से मिलने वालीअस्तित्व का खतरा से निपटने और इजरायल को यहूदी राज्य के रूप में बनाए रखने में पूरी तरह असमर्थ होगी.

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यूरोपीय शहरों की हिंसा की मिसाल देकर नागरिक अशांति की दी चेतावनी

नेतन्याहू ने आगे आशंका जताई कि ऐसी स्थिति में इजरायल के शहरों में बड़े पैमाने पर नागरिक अशांति देखने को मिल सकती है. उन्होंने कहा कि पेरिस और ब्रुसेल्स की सड़कों पर दिखने वाली हिंसा और आग की लपटें यरुशलम, तेल अवीव और हाइफा की सड़कों पर दिखने वाली हिंसा के आगे फीकी पड़ जाएंगी. 

इसे रोकने के लिए उन्होंने 'राष्ट्रीय आत्महत्या' के बजाय 'राष्ट्रीय एकता' का विकल्प चुनने का आग्रह किया और सभी राष्ट्रीय व जायनिस्ट पार्टियों से एक साथ आने की अपील की, ताकि ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके.

आंकड़ों में आइजनकोट भारी, 67 सांसदों का मिला समर्थन

दूसरी ओर, चुनाव के बाद बने राजनीतिक समीकरणों में विपक्षी नेता गादी आइजनकोट का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. केनेसैट गुटों के साथ परामर्श के दौरान 67 सांसदों ने यशर पार्टी के अध्यक्ष गादी आइजनकोट को सरकार बनाने के लिए अनुशंसित किया है, जबकि नेतन्याहू के पक्ष में केवल 46 सांसदों ने सिफारिश की है. 

यद्यपि नेतन्याहू ने 2 नवंबर को एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार की बात कही थी, लेकिन तब उन्होंने 'राष्ट्रीय एकता सरकार' शब्द का सीधा उपयोग नहीं किया था.

यशर पार्टी का करारा पलटवार: भाषण को बताया 'हिस्टीरिकल' और 'सस्ता स्पिन'

नेतन्याहू की इस अपील पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यशर पार्टी ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पार्टी ने नेतन्याहू के संबोधन को एक "हिस्टीरिकल भाषण" करार देते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने इजरायली समाज को विभाजित किया और आपस में लड़ाया, वह केवल तब 'एकता' शब्द का जाप कर रहा है जब उसे दिख रहा है कि सत्ता में उसके दिन गिने-चुने रह गए हैं. 

यशर पार्टी ने स्पष्ट किया कि आइजनकोट के नेतृत्व में बनने वाली आपातकालीन सरकार में केवल वही दल शामिल होंगे जो हमास को आतंकवादी संगठन मानने और उसकी सैन्य व प्रशासनिक क्षमता को पूरी तरह नष्ट करने के सिद्धांतों का समर्थन करेंगे. पार्टी ने लिकुड को अपने वर्तमान सहयोगियों का साथ छोड़ने और आइजनकोट के सिद्धांतों को स्वीकार करने की चुनौती देते हुए इस पूरी अपील को 'सस्ता स्पिन' (pathetic spin) बताया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP